मध्यप्रदेश

कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा अतिथि शिक्षकों का समर्थन किए जाने और उनके साथ सड़क पर उतरने का बयान दिए जाने और मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा तल्ख प्रतिक्रिया देने के बाद कांग्रेस में तकरार बढ़ गई है।

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रही खींचतान अब मुखर होकर सामने आ गई है।

राहुल गांधी अक्सर कई मंचों से देश के बड़े बिजनेसमैन अनिल अंबानी पर निशाना साधते रहते हैं, लेकिन अब उनकी ही पार्टी के मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कमलनाथ अनिल अंबानी पर मेहरबान नजर आ रहे है।

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार की ओर से इमरजेंसी पेंशन दी जा रही थी। अलग-अलग कैटेगरी में इसका भुगतान होता था। इसके तहत इमरजेंसी में तीन महीने की जेल काटने वाले को 10000 रुपया महीना मिलता था। जबकि छह महीने तक की जेल काटने पर 15000 रुपए दिए जाते थे। 6 महीने से ऊपर तक की जेल काटने वाले को 25000 रुपया महीना दिया जाता था।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में आए एक साल से ज्यादा का वक्त गुजर गया है, मगर राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं, जिससे दावेदारों में असंतोष पनपने लगा है। नियुक्तियों का दौर और आगे टला तो असंतोष के स्वर मुखर होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार की वीर सावरकर को लेकर नफरत कम होने का नाम नही ले रही है। इस बार सावरकर के नाम पर फिर से कार्यवाही की गई है। रतलाम के मलवासा के सरकारी स्कूल में वीर सावरकर के चित्र वाले रजिस्टर बांटे गए।

मध्यप्रदेश में शराब की दुकानों का दायरा बढ़ाए जाने के फैसले के बाद से सियासी भूचाल आया हुआ है। लेटरवार चल पड़ा है, वार-पलटवार का दौर जारी है, इसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री कमलनाथ आमने-सामने हैं।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के नए अध्यक्ष और निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर जारी माथापच्ची के बीच सियासी तूफान खड़ा होने के आसार बनने लगे हैं। इसकी शुरुआत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इशारों-इशारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला करके कर दी है।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कुछ कांग्रेसियों की आत्मा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा प्रवेश कर जाने की बात कही है।

मध्यप्रदेश से रिक्त हो रही तीन राज्यसभा सीटों में से दो के कांग्रेस के खाते में आना तय है और इसके लिए जोर-आजमाइश के आसार बनने लगे हैं, क्योंकि इसके लिए आधा दर्जन दावेदारों के नाम सामने आने लगे हैं।