मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश को शिवपुरी ज़िले से शर्मसार करने वाली फिर एक तस्वीर सामने आयी है। प्रवासी मज़दूरों के साथ पहले राजस्थान सरकार ने संगदिली दिखाई।

मध्य प्रदेश कांग्रेस में मची गुटबाजी के पीछे की एक बड़ी वजह चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी की पार्टी में होने वाली वापसी है। चौधरी राकेश सिंह उपनेता प्रतिपक्ष रहे हैं। वे भाजपा में चले गए थे मगर लोकसभा चुनाव के पहले उन्होंने भाजपा छोड़ दी। अब उनकी वापसी एआईसीसी (AICC) के माध्यम से होनी है। 

ज्ञात हो कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को एक पत्र लिखकर दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने का किराया कांग्रेस की ओर से वहन किए जाने की बात कही है। सोनिया गांधी के पत्र पर शिवराज ने अपने ही तरह से प्रतिक्रिया दी है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मध्य प्रदेश के प्रभारी पद से दीपक बाबरिया द्वारा दिए गए इस्तीफे को पार्टी ने मंजूर कर लिया है। पार्टी ने मध्य प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार मुकुल वासनिक को सौंपा है।

कोरोना महमारी के दौर में नरोत्तम मिश्रा को दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। नरोत्तम मिश्रा राज्य के गृह और स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं कमल पटेल राज्य के नए कृषि मंत्री होंगे।

मध्य प्रदेश के इंदौर में सरकारी अमले पर पत्थरबाजी करने वाला पॉजिटिव मरीज जबलपुर के चिकित्सा महाविद्यालय के आईसोलेशन वार्ड से फरार हो गया है।

इस बीच लॉकडाउन फेज-2 में कुछ छूट मिलने से आम लोगों की मुश्किलें कम हुई हैं। जरूरत का सामान सब्जी और किराना आसानी से मिल रहा है। भोपाल में लोग लॉकडाउन का पालन करते दिखाई दे रहे हैं।

कमलनाथ ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "यह जाहिर है कि सबकुछ सामान्य दिखाने के लिए संसद को चलाया गया और जब शिवराज सिंह चौहान ने शपथ ले ली, तो लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई।"

शिवराज सिंह ने मध्यप्रदेश के पेंशनरों के खाते में दो माह की रकम ट्रांसफर कर दी है। ये रकम राज्य सरकार की विभिन्न पेंशन योजनाओं के मद में की गई है।

मध्यप्रदेश में जारी सियासी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने से पहले कमलनाथ प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें उन्होंने अपनी एक साल, तीन महीने और चार दिन की सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।