मध्यप्रदेश कांग्रेस

मध्य प्रदेश कांग्रेस में मची गुटबाजी के पीछे की एक बड़ी वजह चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी की पार्टी में होने वाली वापसी है। चौधरी राकेश सिंह उपनेता प्रतिपक्ष रहे हैं। वे भाजपा में चले गए थे मगर लोकसभा चुनाव के पहले उन्होंने भाजपा छोड़ दी। अब उनकी वापसी एआईसीसी (AICC) के माध्यम से होनी है। 

मध्यप्रदेश में फ्लोर टेस्ट का आदेश होते ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रतिक्रिया सामने आई है। शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत 'सत्यमेव जयते' लिखकर सुप्रीम आदेश का स्वागत किया। बीजेपी शुरू से ही फ्लोर टेस्ट की मांग कर रही है। उधर कांग्रेस इस बात पर अड़ी हुई थी कि पहले 22 विधायक बंगलुरू से वापिस लाये जाएं।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर बुधवार तक जवाब मांगा है, जो (शिवराज) विधानसभा में फौरन फ्लोर टेस्ट कराने की मांग कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में आए एक साल से ज्यादा का वक्त गुजर गया है, मगर राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं, जिससे दावेदारों में असंतोष पनपने लगा है। नियुक्तियों का दौर और आगे टला तो असंतोष के स्वर मुखर होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

इस स्थिति पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने चिंता जताई, साथ ही उन्होंने मंत्रियों और नेताओं को चेतावनी दी कि वे कार्यकर्ताओं की उपेक्षा न करें।

कमलनाथ ने गुरुवार रात संवाददाताओं से कहा, "राहुल गांधी सही कह रहे हैं। मैं नहीं जानता कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है, लेकिन मैंने पहले इस्तीफे की पेशकश की थी। बाकी नेताओं के बारे में नहीं पता, लेकिन मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं।"