मन की बात

नरसिम्हा राव के संबंध कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से कभी उतने ठीक नहीं रहे हैं। यहां तक कि कांग्रेस के इस समय के कई बड़े नेता नरसिम्हा राव के पीएम होते हुए बाबरी मस्जिद गिराए जाने की घटना को 'दुर्भाग्य' के नजरिए से देखते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक ओर देश कोरोना महामारी की समस्या से जूझ रहा है। वहीं पड़ोसियों की चालबाजियों ने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के दौरान दस प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने लद्दाख में सीमा विवाद पर चीन को चेतावनी देने से लेकर देश और समाज की कई प्रेरक कहानियों पर भी चर्चा की।

पीएम मोदी ने कहा कि इन सबके बीच, हमारे कुछ पड़ोसियों द्वारा जो हो रहा है, देश उन चुनौतियों से भी निपट रहा है I वाकई, एक-साथ इनती आपदाएं, इस स्तर की आपदाएं, बहुत कम ही देखने-सुनने को मिलती हैं।

देश में जारी कोरोना वायरस की महामारी के बीच पीएम मोदी का यह चौथा संबोधन होगा। माना जा रहा है कि एलएसी पर चीन के साथ चल रहे तनाव पर भी पीएम मोदी बात कर सकते हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी की तरह ही राहुल गांधी के 'मन की बात' को देश की जनता सुनेगी। ये खबर जोरों पर है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर महीने के आखिरी में प्रसारित होने वाली 'मन की बात' से टक्कर ले सकते हैं।

रविवार को किए गए मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि, "कोरोना से होने वाली मृत्यु दर भी हमारे देश में काफी कम है। जो नुकसान हुआ है, उसका दु:ख हम सबको है।

मन की बात की जो क्लिप पीएम मोदी ने शेयर की उसमें कहा गया कि वीर सावरकर ने ही यह कहने की हिम्मत दिखाई कि 1857 में जो कुछ हुआ वह सैनिक विद्रोह नहीं आजादी की पहली लड़ाई थी। पीएम मोदी ने कहा कि सावरकर शस्त्र और शास्त्र दोनों के उपासक थे।  

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को मन की बात कार्यक्रम कर रहे है। कुछ खबरों में इसी को आधार बनाकर कहा गया कि पीएम इस बातचीत के दौरान लॉकडाउन के पांचवें चरण का ऐलान भी कर सकते हैं।

बता दें कि गृह मंत्रालय ने दो हफ्तों के लिए पूरे देश में लॉकडाउन को बढ़ा दिया है, जो अब 18 मई से 31 मई तक रहेगा। इस बार लॉकडाउन 4 में दो नए जोन भी जोड़े गए हैं, जो कुल मिलाकर 5 होंगे।