मलेरिया

कोरोनावायरस के कारण जहां दुनिया भर में खौफ का माहौल है। वहीं अबतक इस महामारी ने पूरी दुनिया में ऐसा कोहराम मचाया कि तीन लाख से ज्यादा लोगों की इसकी वजह से मौत हो चुकी है और 46 लाख से ज्यादा लोग इसके संक्रमण के शिकार हैं।

भारत के कुछ राज्यों में कोरोना का असर बेहद कम नजर आया है जिनमें बिहार, ओडिशा और झारखंड का शामिल हैं।

बालों के गिरने या कमजोर होने का मुख्य कारक 1800 कैलोरी से नीचे की डायट है। इसके अलावा डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टायफाइड जैसी बीमारियां भी बालों के स्वास्थ्य को बहुत ज्यादा प्रभावित करती हैं। इसके साथ ही आयरन, विटामिन बी12, विटामिन डी और फेरिटिन का कम होना भी बालों के गिरने के लिए जिम्मेदार है।

बरसात के मौसम में वायरल इन्फेक्शन के कारण आम तौर पर होने वाली कुछ बीमारियों में से एक है चिकनगुनिया भी है। यह बीमारी चिकनगुनिया वायरस ले जाने वाले मच्छरों के काटने के कारण होता है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार, मलेरिया होने की संभावना वाले प्रमुख देशों में शुमार भारत ने इससे निपटने में पर्याप्त सफलता पाई है। परिषद के अनुसार, मलेरिया के मामलों में 80 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है।

मलेरिया का प्रकोप फैलाने वाला एनोफेलीज मच्छर रात में सक्रिय होता है, इसलिए मच्छरदानी लगाकर सोने की सलाह दी जाती है। कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी बेहतर सुरक्षा प्रदान करती है।