मलेशिया

95 वर्षीय महातिर फरवरी महीने में इस्तीफा देने से पहले तक दुनिया के सबसे बुजुर्ग प्रधानमंत्री थे।लेकिन महातिर के अचानक इस्तीफे के बाद मलेशिया में हफ्तों तक सत्ता के लिए संघर्ष चला।

नाइक ने भारत सरकार की जांच से बचने के लिए इस तरह के फंड के संग्रह के लिए कतर और यूएई सहित खाड़ी देशों में कई बैंक खाते बनाकर रखे हैं। वह आम तौर पर आईआरएफ और अन्य संबद्ध संगठनों द्वारा विभिन्न गतिविधियों के लिए अपने सहयोगियों और नेटवर्क को धन हस्तांतरित करने के लिए इन खातों का उपयोग करता है। भारत सरकार ने आईआरएफ पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है।

ध्यान रहे कि पिछले दिनों रांची के हिंदपीढ़ी इलाके की एक मस्जिद से निकाले गये लोगों में मलेशिया की एक महिला कोरोना वायरस से संक्रमित पायी गयी थी। मलेशिया की उस महिला का राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में इलाज चल रहा है।

कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते खतरों के बीच दक्षिण पूर्वी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज से दस से अधिक देशों के नागरिकों समेत 200 लोगों को यहां के अलग-अलग अस्पतालों में जांच के लिए ले जाया गया है।

कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी टीवी चैनलों और एफएम चैनलों से स्वास्थ्य मंत्रालय की इस एडवाइजरी से जुड़ी सूचनाओं का प्रसारण करने की अपील की है।

मलेशिया के गृह मामलों के पूर्व मंत्री मुहिद्दीन यासीन ने रविवार को मलेशिया के आठवें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मुहिद्दीन को महातिर मोहम्मद के 24 फरवरी के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री बनाया गया। महातिर 2018 में हुए आम चुनावों के बाद से पद पर थे।

मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा देश के सुल्तान को सौंप दिया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के हवाले से कहा, "महातिर मोहम्मद ने आज मलेशिया के प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा भेज दिया।"

पाकिस्तान अब तक चीन, तुर्की, मलेशिया, सऊदी अरब और मध्य पूर्वी देशों के राजनयिक समर्थन के कारण ब्लैकलिस्ट से बचने में सफल रहा है। अब ब्लैकलिस्ट में पड़ने से बचने के लिए इसे एफएटीएफ फोरम के कुल 39 सदस्यों में से सिर्फ तीन वोटों की आवश्यकता है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को एक बार फिर भारत के खिलाफ आपत्तिजनक व भड़काऊ बातें कहीं। उन्होंने कहा कि 'भारत फासीवाद और चरमपंथ के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और अगर इसने यह रास्ता नहीं छोड़ा तो यह कई टुकड़ों में विभाजित हो जाएगा।'

प्रधानमंत्री मलेशिया में इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। डॉन न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2018 में पदभार संभालने के बाद से यह खान की मलेशिया की दूसरी यात्रा होगी।