महात्मा गांधी

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने आजकल अपना पूरा ध्यान छत्तीसगढ़ में केंद्रित कर दिया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया इन दिनों अपने प्रभार वाले प्रदेश में 12 से 14 फरवरी के बीच आरक्षण को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं।

30 जनवरी, 1948 को तत्कालीन सरसंघचालक गुरुजी गोलवलकर मद्रास में एक कार्यक्रम में थे, जब उन्हें गांधी जी की मृत्यु का समाचार मिला। उन्होंने तुरंत ही प्रधानमंत्री पंडित नेहरू, गृह मंत्री सरदार पटेल और गांधी जी के सुपुत्र देवदास गांधी को टेलीग्राम द्वारा अपनी शोक संवेदना भेजी।

सूत्रों के अनुसार  पार्टी नेतृत्व सांसद अनंत हेगड़े के महात्मा गांधी पर दिए गए बयान से बेहद खफा है और इस बयान की सत्यता परखने के बाद पार्टी के नेतृत्व ने उन्हें अपने बयान को वापस लेने और बिना शर्त माफी मांगने को कहा है।

याद रखिए, कोई भी सभ्य समाज अपने भीतर नाथूराम गोडसे के पैदा होने से कलंकित ही महसूस करेगा, लेकिन साथ ही वह केवल महात्मा गांधी पैदा करने की गारंटी भी नहीं दे सकता।

आजादी की लड़ाई के दौरान महात्मा गांधी दो बार मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में आए थे। उन्होंने यहां संघर्ष के लिए धनराशि जुटाने के क्रम में अपनी चांदी की प्लेट नीलामी की थी। नीलामी में इस प्लेट की कीमत 11 रुपये आंकी गई थी, लेकिन गोविंदराम त्रिवेदी ने इसे 501 रुपये में लिया था।

आस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर की पत्नी कैंडिस ने अपनी पति की तारीफ करते समय महात्मा गांधी का जिक्र किया है। वार्नर ने दूसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान के खिलाफ 335 रनों की नाबाद पारी खेली।

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गोडसे को देशभक्त बताने के बाद अब मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने गांधी के नाम के साथ एक निंदनीय विशेषण जोड़ दिया है। मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग का एक हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है।

कांग्रेस की एक गलती ने प्रज्ञा ठाकुर को वापसी का बड़ा मौका दे दिया है। प्रज्ञा ठाकुर ने कांग्रेस पर ना सिर्फ करारा पलटवार किया है बल्कि वह अब कांग्रेस की सोच के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी में भी हैं।

बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के पद चिन्हों पर चलने वालों की संख्या बढ़कर बढ़ती जा रही है। प्रज्ञा के यह समर्थक कोई और नहीं बल्कि बीजेपी के ही विधायक हैं।

राजनाथ सिंह ने भी लोकसभा में प्रज्ञा के बयान की निंदा करते हुए कहा, "नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहे जाने की बात तो दूर, हम उन्हें देशभक्त मानने की सोच की ही निंदा करते हैं। महात्मा गांधी हम लोगों के आदर्श हैं। वह पहले भी हमारे मार्गदर्शक थे और भविष्य में भी मार्गदर्शक रहेंगे। उनकी विचारधारा उस समय भी प्रासंगिक थी, आज भी है और आगे भी रहेगी।"