महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव

अब लोकसभा में भी मोदी सरकार ने इस बात को उठाया है और गृह मंत्रालय ने कहा है कि, भारत रत्न देने के लिए सिफारिशें आती रहती है, लेकिन इसमें औपचारिक सिफारिश की कोई जरूरत नहीं है।

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन में गतिरोध के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार यहां सोमवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। एनसीपी नेता अजीत पवार ने यह बात मुंबई में कही।

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर अभी तक पेंच उलझा हुआ है। एक ओर जहां भाजपा और शिवसेना में तकरार के कारण सीएम प्रत्याशी अभी तक फाइनल नहीं हुआ, वहीं दूसरी ओर 54 सीटें जीतने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पार्टी के समर्थन के लिए शिवसेना लगातार निगाह रखे हुए हैं।

आम आदमी पार्टी की इस हालत पर आप के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास ने आप के वोट शेयर का स्क्रीन शॉट साझा किया। उन्होंने दिल्ली में राज्यसभा सांसदों को लेकर तंज कसते हुए ट्वीट किया।

हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटें है, जिसमें सरकार बनाने के लिए 46 सीटें चाहिए। चुनाव नतीजों में भाजपा को 40, कांग्रेस को 31, जेजेपी(जननायक जनता पार्टी) को 10 और निर्दलीय विधायकों को 9 सीटें मिली हैं।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 के रुझान और नतीजे जिस हिसाब से सामने आ रहे हैं उस हिसाब से कहा जा सकता है कि एक बार फिर बीजेपी शिवसेना गठबंधन की सरकार बनेगी। हालांकि दोनों पार्टियों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान की बात नतीजों के साफ होने से पहले ही सामने आ गई।

हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने शुरु हो चुके हैं, जिसमें ये तय है कि महाराष्ट्र में भाजपा अपनी सहयोगी शिवसेना के साथ सरकार बना ही लेगी लेकिन वही हरियाणा की बात करें तो भाजपा बहुमत के जादुई आंकड़े के बेहद करीब दिखाई दे रही है।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र और हरियाणा दोनों ही राज्यों में बीजेपी का सूरज उग रहा है। महाराष्ट्र में बीजेपी स्पष्ट बहुमत...

शुरुआती रुझानों ने भारतीय जनता पार्टी को महाराष्ट्र में भारी बढ़त देखने को मिल रही है। बता दें कि महाराष्ट्र में 288 सीटों पर मतदान हुआ था, जबकि हरियाणा की कुल 90 सीटों पर चुनाव हुआ था।

राज्य भर के मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे मतदान शुरू होने से पहले ही पहुंचते देखा गया। शुरूआती मतदाताओं में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत शामिल रहे जिन्होंने नागपुर में एक मतदान केंद्र पर मतदान किया।