महाराष्ट्र

जनकारी के मुताबिक, राज्यपाल शाम तक इंतजार करेंगे और फिर राष्ट्रपति शासन लगाने के बारे में अंतिम फैसला लिया जाएगा। बता दें, राज्यपाल भाजपा, शिवसेना और एनसीपी तीनों पार्टियों से बात की है और अभी तक कुछ भी साफ नहीं हो पाया है। 

महाराष्ट्र में राज्यपाल ने भाजपा-शिवसेना के बाद अब एनसीपी से पूछा है कि क्या उनकी पार्टी सरकार बनाने को तैयार है। सबसे पहले बड़ी पार्टी भाजपा और फिर दूसरी बड़ी पार्टी शिवसेना को इस बारे में पूछा गया था लेकिन भाजपा ने सरकार बनाने से साफ इनकार कर दिया।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी घमासान के बीच कांग्रेस ने एक बार फिर से शिवसेना को चकमा दिया है। शिवसेना को राज्यपाल की तरफ से 24 घंटे का वक्त दिया गया था। लेकिन आज शाम तक शिवसेना की तरफ से समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को नहीं सौंपी जा सकी।

वैसे महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री के पद को लेकर जैसी उठा-पटक देखने को मिल रही है, ये महाराष्ट्र का चरित्र है। अगर इतिहास के पन्ने पलटें तो मिलेगा कि महाराष्ट्र में हर चुनाव में मुख्यमंत्री पद को लेकर झगड़ा हुआ है। तमाम कोशिशों के बाद अगर कोई मुख्यमंत्री बना थी, तो वह ज्यादा समय तक टिक नहीं सका।

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर सियासी घमासान जारी है। इस बीच एनसीपी ने शिवसेना का समर्थन करने की बात कही है, हालांकि ऐसा करने से पहले वह कांग्रेस पार्टी के फैसले का इंतजार कर रही है। एनसीपी का कहना है कि कांग्रेस जो भी फैसला करेगी उसके मुताबिक ही वह अपना रुख तय करेगी।

कांग्रेस मुंबई इकाई के पूर्व अध्यक्ष संजय निरूपम ने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रदेश में समय पूर्व चुनाव के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। वहीं इससे पहले यहां कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना को समर्थन देने के मुद्दे पर बैठक की है, जिससे पार्टी के अंदर ही मतभेद उभर कर सामने आने लगे हैं।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने यहां सोमवार को कहा कि शिवसेना ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतात्रिंक गठबंधन (राजग) से अलग होने का फैसला किया है और पार्टी महाराष्ट्र में कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के समर्थन से सरकार बनाएगी।

महाराष्ट्र में जारी भाजपा और शिवसेना के बीच बढ़ी तल्खियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आज भी शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भाजपा पर हमला बोला, वहीं कांग्रेस और एनसीपी को लेकर उनके रुख में नरमी देखने को मिली।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में जारी विवाद के बाद शिवसेना ने सोमवार को केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) छोड़ने का फैसला किया है। इसके साथ ही शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है।

महाराष्ट्र के राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने रविवार शाम शिवसेना को यह बताने के लिए निमंत्रण दिया कि क्या वह सरकार बनाना चाहती है और उसके पास राज्य में अगली सरकार बनाने की क्षमता है।