महाराष्ट्र

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने आदेश में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बुधवार शाम पांच बजे से पहले विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए कहा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इसके लिए गुप्त मतदान नहीं होगा और सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण किया जाएगा।

शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं की मौजूदगी में 162 विधायकों ने एकजुटता की शपथ ली. विधायकों को तीनों नेताओं का नाम लेकर बदनीयती से कोई काम नहीं करने, भाजपा का समर्थन नहीं करने की शपथ दिलाई गई।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसान कार्ड खेला है। देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के किसानों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने बारिश से प्रभावित किसानों के लिए 5380 करोड़ रुपये को मंजूरी दी है।

महाराष्ट्र की राजनीति में संख्या बल को लेकर के रोज ही नए दावे हो रहे हैं। बीजेपी और अजित पवार ने अपने समर्थकों की संख्या साफ कर दी है। वहीं विपक्षी धड़ा भी पीछे नहीं है।

एसीबी ने 70,000 करोड़ रुपए के सिंचाई घोटाले में अजित पवार को क्‍लीनचिट दी है। राज्य सरकार के सूत्रों की मानें तो जिन मामलों में अजित पवार को क्लीन चिट दी गई हैं इन मामलों से उनका संबंध नहीं है।

सबसे पहले अजित पवार की जगह विधायक दल के नेता बनाए गए जयंत पाटिल पहुंचे। जयंत पाटिल ने अजित पवार से गुजारिश की कि वे वापस लौट आएं। इसके बाद शरद पवार के एक और करीबी नेता दिलीप वलसे पाटील पहुंच गए।

इसी बीच खबर है कि, महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच भारतीय जनता पार्टी किसान कार्ड चल सकती है। सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम अजित पवार ने कार्यभार संभाल लिया।

सोमवार को अदालत में तीखी बहस हुई और बीजेपी-एनसीपी की ओर से पेश वकीलों ने फ्लोर टेस्ट में जल्दबाजी ना करने को कहा गया। वहीं पहली बार ये बात भी सामने आई है कि राज्यपाल की ओर से बहुमत साबित करने के लिए 14 दिन का समय दिया गया था।

महाराष्ट्र में जारी सियासी सकंट के बीच कांग्रेस के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर बड़ी सामने आई है। मध्य प्रदेश में नए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की कयासबाजी और चर्चाओं के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी अब धीरे-धीरे बाहर आने लगी है।

जानकारी के मुताबिक इस सूची में कुल 160 विधायकों के हस्ताक्षर हैं। ये पार्टियां इस लिस्ट को राज्यपाल के सुपुर्द करेंगी और उनसे यह मांग करेंगी कि उन्हें सरकार बनाने का मौका दिया जाए।