मायावती

उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को एक और बड़ा झटका लगा है। बसपा प्रमुख मायावती के करीबी त्रिभुवन राम और पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। विनोद सिंह दिवंगत कांग्रेस नेता केएन सिंह के बेटे हैं। वह बसपा सरकार में मंत्री थे और सुल्तानपुर के निवासी हैं।

यूपी में समाजवादी पार्टी अब नई राह पकड़ती नजर आ रही है। वोट की खातिर सपा की ओर से अब दलितों को लुभाने की कोशिश शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी पहली बार बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस बड़े पैमाने पर मनाएगी।

बहुजन समाज पार्टी(बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने केन्द्र सरकार द्वारा संविधान दिवस मनाने को लेकर मंगलवार को करारा हमला बोला और कहा कि भीमराव अंबेडकर का केवल नाम जपते रहने से काम नहीं चलेगा।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने पांच बार विधायक रह चुके राम प्रसाद को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी से निकाल दिया है।

उत्तर प्रदेश के बीएचयू स्थित संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के फिरोज खान की नियुक्ति और इसके विरोध का प्रकरण अब और विवादित होता नजर आ रहा है। इस मामले में बसपा मुखिया मायावती अब फिरोज खान के समर्थन में उतर आई हैं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन का ढुलमुल रवैया ही मामले को बेवजह तूल दे रहा है।

पार्टी का एक धड़ा चुनाव लड़ने की सलाह दे रहा है तो दूसरा धड़ा इस चुनाव से तौबा कर सीधे वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में तैयारी के साथ आने की बात कर रहा है। इस पर निर्णय मायावती को लेना है, मगर वह अभी इस मामले पर चुप हैं।

दिसंबर, 1992 में विवादित ढांचा विध्वंस करने के बाद से मुसलमानों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अछूत हो गई थी। समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने इसका भरपूर लाभ उठाया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिमों ने फैसले को कुबूल कर लिया, दोनों ने गलबहियां भी कीं। इससे विपक्ष के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

एक के बाद दूसरी हार से चरमराई बहुजन समाज पार्टी में बड़ा बदलाव किया गया है। बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने इस बदलाव के तहत पार्टी का पूरा ढांचा ही बदल दिया है। पार्टी के भीतर सालों से चली आ रही जोनल व्यवस्था को खत्म कर दिया है। बीएसपी को अब सेक्टरों में बांट दिया गया है।

यूपी में 11 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर ताल ठोका था, लेकिन हालत ये हुई कि 6 सीटों पर बसपा की जमानत जब्त हो गई।

जानकारी के मुताबिक, राम जी गौतम सुबह जब मॉर्निंग वॉक पर वह 8:30 बजे पार्टी दफ्तर आ रहे थे तभी हाथों में BSP का झंडा लिए भरतपुर से आए कार्यकर्ताओं ने उन्हें पकड़कर पहले तो पीटा और फिर मुंह काला कर