मायावती

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कांग्रेस और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मोदी सरकार भी कांग्रेस के रास्ते पर ही चल रही है।

हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने बैठक में शामिल होने से इंकार कर दिया है। इनके अलावा उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने भी बैठक में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है। 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की उत्तर प्रदेश में बढ़ रही सक्रियता समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को खटकने लगी है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के अलावा प्रदेश में हुई अन्य घटनाओं में प्रियंका ने न केवल बढ़चढ़ कर भाग लिया, बल्कि सपा बसपा को मात दे दी।

राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले पर गुरुवार को अपने बयान में कहा था कि, नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में जो माहौल बना हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है।

मध्य प्रदेश के दमोह में बीएसपी की विधायक ने नागरिकता कानून का समर्थन कर दिया। इसके बाद सरकार के भीतर हड़कंप मच गया।

इस मामले पर मायावती ने कहा कि बसपा एक अनुशासित पार्टी है। इसका अनुशासन तोड़ने पर तुरन्त कार्रवाई की जाती है। उन्होंने रमाबाई के पार्टी के कार्यक्रमों में भी भाग लेने पर रोक लगा दी है। मायावती ने इस विषय पर दो ट्वीट किए हैं।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सीएए और एनआरसी को लेकर खासकर मुसलमानों की सभी आशंकाओं को जल्द दूर किया जाए।

केंद्र सरकार से नए कानून को वापस लेने का आग्रह करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने शनिवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं में असहमति अब स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए माायावती ने एक से ज्यादा ट्वीट कर डाले। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि, "शिवसेना अपने मूल एजेण्डे पर अभी भी कायम है, इसलिए इन्होंने नागरिकता संशोधन बिल पर केन्द्र सरकार का साथ दिया और अब सावरकर को भी लेकर इनको कांग्रेस का रवैया बर्दाश्त नहीं है।"

उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को एक और बड़ा झटका लगा है। बसपा प्रमुख मायावती के करीबी त्रिभुवन राम और पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। विनोद सिंह दिवंगत कांग्रेस नेता केएन सिंह के बेटे हैं। वह बसपा सरकार में मंत्री थे और सुल्तानपुर के निवासी हैं।