मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कि है। बता दें, बसपा ने 11 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। अमरोहा से दानिश अली को टिकट मिला है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। बसपा प्रमुख ने अपने भतीजे आकाश आनंद को भी स्टार प्रचारक बनाया है। आकाश युवा चेहरा हैं और वे पार्टी से नौजवानों को जोड़ने का काम करेंगे।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा)  सुप्रीमो मायावती ने ऐलान किया है कि वह इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि अभी मेरे जीतने से ज्यादा गठबंधन की सफलता ज्यादा जरूरी है।

मायावती पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मायावती हमारे नेता पर शौक़ीन होने के आरोप लगाने से पहले अपने गिरेवान में झाँक लेती तो ठीक था। जो महिला रोज फेशियल कराती हो वो महिला किसी के शौक़ीन होने पर सवाल कर रही है। विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि मायावती खुद रोज फेशियल करवाती हैं।

कभी अपने अपमान को लेकर मुलायम सिंह यादव से दूरी बनाने वाली मायावती मैनपुरी में मुलामय सिंह यादव के साथ मंच साझा करेंगी। इस रैली पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं क्योंकि पच्चीस सालों से दोनों को एक दूसरे की शक्ल तक देखना पसंद नहीं रहा।

2007 से 2012 के बीच बसपा शासनकाल के दौरान नेतराम प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के तौर पर तैनात थे और ताकतवर अफसरों में उनकी गिनती होती थी। बताया जाता है कि कैबिनेट मंत्रियों को भी नेतराम से मिलने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने की तरह समय लेना पड़ता था।

उत्तर प्रदेश के पूर्व आईएएस अफसर नेतराम के घर पर आज आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है। विभाग ने दिल्ली से लेकर लखनऊ तक उनके दर्जनभर ठिकानों पर छापेमारी की है। बता दें नेतराम बीएसपी के टिकट से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।

लोकसभा चुनाव से पहले राफेल का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है। इसी को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) बिहार में महागठबंधन से अलग राह पकड़ते हुए अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। बसपा ने राज्य की सभी 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है। इसको लेकर बसपा की अध्यक्ष मायावती ने राज्य के नेताओं की दिल्ली में बैठक बुलाई है।

शिकायत में ये भी आरोप है कि 2007-12 में मायावती के मुख्यमंत्री रहते उत्तर प्रदेश सरकार में सेवारत कुछ नौकरशाहों के ‘‘निकट संबंधियों’’ को पदों के लिए चुना गया। लोकसभा चुनाव के निकट ऐसे आरोपों से मायावती के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं