मायावती

लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद से ही मायावती एक्शन मोड में हैं। मायावती ने उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान के प्रभारियों को हटा दिया है। इसके अलावा दिल्ली और मध्यप्रदेश के पार्टी अध्यक्ष को भी हटा दिया गया है।

एग्जिट पोल्स में NDA को बहुमत मिलने की बात सामने आ रही है ऐसे में इसका असर विरोधी दलों पर दिखाई दे रहा है। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमों मायावती ने एग्जिट पोल आने के बाद ही पार्टी को लेकर बड़ा कदम उठा लिया है।

लोकसभा चुनावों के नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल से पता चल रहा है कि इस बार फिर से मोदी सरकार आने वाली है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश मेें सियासी घमासान जारी है। विरोधी दलों में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।

मायावती की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी से मुलाकात की खबरों के बीच बीएसपी ने कहा है कि उनकी कोई बैठक नहीं है। पहले बताया जा रहा था कि मायावती सोमवार को राहुल और सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगी।

लोकसभा चुनावों का प्रचार थमने के बाद रविवार को अंतिम चरण के लिए वोट डाले जाएंगे। इस बीच नई सरकार बनाने को लेकर अभी से विपक्ष की मोर्चेबंदी तेज हो गई है। इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री चंद्रबाबू नायडू शनिवार को नई दिल्‍ली में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के साथ बैठक की।

मायावती ने कहा, "काशी को विकसित करने में स्वच्छता और बुनकरों की समस्याओं को दूर करने का जो वादा किया गया, वह भी पूरा नहीं हो सका है। पीएम ने यहां सैकड़ों प्राचीन मंदिरों को तुड़वाया है जिससे सैकड़ों परिवारों को दुख झेलना पड़ा।

मीडिया को संबोधित करते हुए मायावती ने बंगाल हिंसा और चुनाव आयोग के फैसले को लेकर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि बंगाल में भाजपा के दबाव में चुनाव आयोग ने प्रचार रोका है।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनेगी तथा राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे। देश के अधिकांश लोग मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहते।

मोदी के बेनामी संपत्ति के आरोप के जवाब में मायावती ने कहा, "पीएम मोदी शालीनताओं को पार कर चुके हैं, वह बसपा को बहनजी की संपत्ति पार्टी कहने में घबराते नहीं हैं। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास जो कुछ भी है, वह शुभचिंतकों और समाज के लोगों ने दिया है और सरकार से कुछ भी छिपा नहीं है। सबसे ज्यादा बेनामी संपत्ति वाले लोग भाजपा से जुड़े हैं। इनका हिसाब-किताब कालीन के अंदर छिपा है।"

उन्होंने पीएम मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान की सरकार यह चुनाव हार रही है। इस चुनाव में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नैय्या साफ डूबती हुई दिखाई दे रही है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आरएसएस ने भी अब भाजपा का साथ छोड़ दिया है।