मुख्यमंत्री कमलनाथ

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को यहां सोमवार को भाजपा मुख्यालय में हुई विधायकों की बैठक में विधायक दल का नेता चुन लिया गया। शिवराज अब राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद ही भाजपा ने सरकार गठन की कवायद तेज कर दी है। इसको लेकर दिल्ली से लेकर भोपाल तक बैठकों का दौर शुरू हो गया है। एक ऐसी ही बैठक दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आवास पर हुई, जिसके बाद मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का दौर चर्चा में आया है।

बीजेपी की ओर से तय है कि शिवराज सिंह चौहान ही अगले सीएम बनेंगे। इससे पहले 15 महीने तक सरकार चलाने के बाद कमलनाथ ने इस्तीफा दे दिया। सुप्रीम कोर्ट ने शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन कमलनाथ ने पहले ही हार मान ली। अब उपचुनाव में बीजेपी के पास 10 सीटें जीतने की चुनौती होगी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट करके कहा है कि ''मध्य प्रदेश में आज जनता की जीत हुई है। इसके आलावा उन्होंने ट्वीट में लिखा मेरा सदैव ये मानना रहा है कि राजनीति जनसेवा का माध्यम होना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार इस रास्ते से भटक गई थी। आज सच्चाई की फिर विजय हुई है। सत्यमेवजयते।''

मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सरेंडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद हमारे पास बहुमत का आंकड़ा मौजूद ही नहीं है।

मध्य प्रदेश विधानसभा में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर आज (शुक्रवार को) कमलनाथ सरकार को विश्वासमत हासिल करना होगा। वर्तमान में विधायकों का अंकगणित भाजपा के पक्ष में है। दोनों ही दलों कांग्रेस और भाजपा ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में 20 मार्च को शाम 5 :30 बजे फ्लोर टेस्ट कराये जाने का आदेश दिया है। जहां विधासभा में कमलनाथ सरकार को बहुत साबित करना है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा है कि कल शाम 5 :30 बजे तक हर हाल में फ्लोर टेस्ट किया जायेगा और इसकी प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी किये जाने का आदेश भी दिया गया है।

विधायकों का दावा है कि वे किसी के दबाव में नहीं है, उन्हें किसी ने बंधक नहीं बनाया है। राज्य की सुरक्षा पर उन्हें भरोसा नहीं है, केंद्रीय सुरक्षा बल के संरक्षण में भोपाल जाने तैयार हैं।

मध्यप्रदेश में जारी सियासी उठापटक के बीच सोमवार को शुरू हुए बजट सत्र को कोरोनावायरस के कारण 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ।

भारतीय जनता पार्टी के विधायक 5 दिनों तक दिल्ली के पास मानेसर के एक रिसोर्ट में रहने के बाद रविवार की देर रात को विशेष विमान से दिल्ली से भोपाल पहुंच गए। इन विधायकों को होटल और रिसॉर्ट में रुकाया जा रहा है।