मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आयुष मिशन ने अपने एप 'आयुष कवच' के माध्यम से मरीजों को घर बैठे इलाज की सुविधा प्रदान करनी शुरू कर दी है। एप के माध्यम से फोन करके आयुर्वेद, यूनानी व होम्योपैथी विशेषज्ञों से बीमारियों से बचाव लिए सलाह ली जा सकती है।

मालूम हो कि दूसरे प्रदेशों से अब तक करीब 30 लाख से अधिक कामगार एवं श्रमिक अब तक वापस आ चुके हैं। इनमें से करीब 24 लाख के स्किल की मैपिंग हो चुकी है।

उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में घायल हुए लोगों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से जब पूरी दुनिया जूझ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सभी लोगों की चिंता है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि देश के अन्य राज्यों से वापस हुए प्रवासी 1212 श्रमिकों को 16. 696 मीट्रिक टन खाद्यान्न उपलब्ध करवा कर प्रदेश सरकार ने अपनी सहृदयता दिखाई है। इनमें 440 शहरी श्रमिकों में 6. 409 मीट्रिक टन और ग्रामीण क्षेत्र के 772 श्रमिकों को उपलब्ध कराया गया 10.287 मीट्रिक टन खाद्यान्न शामिल है। इन्हें भी चावल, चना के साथ गेहूं दिया गया है।

सीएम के निर्देश पर देहातों में ग्राम प्रधान निधि से निराश्रितों को एक हजार रूपए व राशन दिया जाएगा। शहरों में नगर निकाय को निराश्रितों को खाद्यान्न व एक हजार रुपये देने की ज़िम्मेदारी दी गयी है।

योगी सरकार ने किसानों से गेहूं खरीदी के लिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की है। इसके तहत किसान अपनी सुविधानुसार तारीख और समय का टोकन प्राप्त कर रहे हैं और ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है।

आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के उत्पाद चीन के लिए चुनौती बनेंगे। यह सब होगा प्रदेश की 90 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम औद्योगिक इकाईयों के जरिए। इन्हीं इकाईयों के जरिए प्रदेश को कई उत्पादों के मैन्यूफैक्चरिंग का हब बनाने का लक्ष्य है। फिर तो देश ही नहीं पूरी दुनिया में ब्रांड यूपी की धूम होगी।

उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में कोविड-19 और सामान्य मरीजों की भर्ती से संबंधित व्यवस्थाएं देखीं। इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों को किस तरह से रेड, येलो और ग्रीन जोन में भेजा जाता है इसके बारे में मुख्यमंत्री ने विस्तार से जानकारी ली।

ठाकरे ने कहा, अगर ऐसा है तो महाराष्ट्र में प्रवेश करने वाले किसी भी प्रवासी को महाराष्ट्र सरकार और राज्य पुलिस से अनुमति लेने की जरूरत होगी। महाराष्ट्र सरकार को इस मामले को गंभीरता से देखने की जरूरत है।