मोदी कैबिनेट

दूतावास की ओर से कहा गया, 'इन सालों में कंफ्यूशियस संस्थानों ने भारत में चीनी भाषा शिक्षण को बढ़ावा देने और चीन-भारत के लोगों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसे भारतीय शिक्षा समुदाय द्वारा मान्यता मिली हुई है।'

गौरतलब है कि मानव संसाधन और विकास मंत्रालय ने सिफारिश की थी कि उसका नाम बदल कर शिक्षा मंत्रालय कर दिया जाए। जिसे बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में स्वीकार कर लिया गया।

केंद्रीय कैबिनेट की इस हफ्ते यह दूसरी बैठक हुई। इससे पहले सोमवार को भी बैठक हुई थी जो मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दूसरे वर्ष की पहली कैबिनेट बैठक थी।

इस दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए कई तरह फैसले लिए गए। उन्होंने बताया कि एमएसएमई की परिभाषा को और संशोधित किया गया है।

पहले चरण के तहत, स्वास्थ्य मंत्रालय ने अन्य मंत्रालयों के सहयोग से पहले से ही कई गतिविधियों का संचालन किया है। 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को मौजूदा स्वास्थ्य सुविधा को मजबूत करने, कोविड समर्पित अस्पतालों, समर्पित कोविड स्वास्थ्य सुविधाओं इत्यादि के लिए जारी किए गए हैं।

बता दें कि कोरोना के बढ़ते खतरे के कारण देश में 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। इस दौरान लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

देश के युवाओं को अब मोदी सरकार बड़ा तोहफा देने जा रही है। बढ़ती बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार ने सरकारी नौकरियों में खाली पड़े पदों की भर्ती के लिए बड़ा कदम उठाया है। दरअसल मोदी सरकार खाली पड़े पदों को भरने के लिए अभियान चलने जा रही है।

मंगलवार को हुई मोदी कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर अपडेट करने के लिए मंजूरी दी गई। इस काम में आने वाले खर्च का बजट भी जारी किया गया है।

यह बैठक दिल्ली के गर्वी गुजरात भवन में पूरे दिन चलेगी। इस बैठक में 4 से 5 मंत्रालयों का प्रेजेंटेशन होगा। दरअसल पीएम मोदी ने सरकार की नीतियां बनाने के लिए सचिवों का समूह बनाया था।

नियमानुसार, लोकसभा की कुल संख्या का अधिकतम 15 प्रतिशत मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस प्रकार केंद्र सरकार में 81 मंत्रियों की संख्या हो सकती है। पिछले कार्यकाल में तीन बार हुए विस्तार के बाद मंत्रियों की संख्या 70 तक पहुंच गई थी।