मोदी सरकार

अनुच्छेद 370 को लेकर अब तक विरोध करते आ रही नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने अब इस मामले में यू-टर्न ले लिया है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह ने दो टूक कहा है कि अब यह कानून बन गया है और कानून पूर देश में लागू होता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, सबसे बड़ी आशंका तो हमारे पड़ोसी के बारे में रहती है। समस्या यह है कि आप दोस्त बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी का चुनाव आपके हाथ में नहीं होता।

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जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने पर पाकिस्तान में बौखलाहट बढ़ गई है। इसी बौखलाहट के चलते उसने दुनियाभर के कई देशों का ध्यान भारत की इस कार्रवाई की तरफ खींचने कोशिश की है।

राहुल गांधी ने मंगलवार को इस मसले पर ट्वीट किया और लिखा कि केंद्र सरकार ने जो फैसला लिया है, वह संविधान का उल्लंघन है। और इस फैसले से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

कांग्रेस ने आज लोकसभा में 370 पर चर्चा के दौरान एक भारी भूल कर दी। कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने हैदराबाद और जूनागढ़ रियासत को भारत में विलय करने का श्रेय नेहरू को दे दिया।

मायावती ने ट्वीट किया, "संविधान की 'सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक न्याय' की मंशा को देश भर में लागू करने हेतु जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा संबंधी धारा 370 व 35ए को हटाने की मांग काफी लम्बे समय से थी। अब बसपा उम्मीद करती है कि इस संबंध में केंद्र सरकार के फैसले का सही लाभ वहां के लोगों को आगे मिलेगा।"

सरकार ने कहा कि यह अनुच्छेद एक ऐसी गंभीर समस्या थी, जिस पर कोई चर्चा करना नहीं चाहता था। सरकार ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद राज्य में समृद्धि आएगी, सामाजिक एकीकरण 

मोदी सरकार के इस फैसले के साथ ही जम्मू कश्मीर का अलग संविधान खत्म हो गया है। कश्मीर के अलग झंडे का भी अंत हो गया है। कश्मीर के सारे विशेषाधिकार खत्म हो गए हैं।

मोदी सरकार ने अब जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया। साथ ही लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग किया गया है। जम्मू-कश्मीर के 2 हिस्सों में बांट दिया है। अमित शाह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा होगी लेकिन लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी।