मोदी

रविवार को लोकसभा चुनाव के खत्म होते ही एग्जिट पोल्स आने शुरू हो चुके हैं। जिनमें बीजेपी खासकर पीएम मोदी की ताबड़तोड़ मेहनत रंग लाती दिख रही है। चूंकि लगभग सभी एग्जिट पोल्स में एक बार फिर NDA सरकार बनने के संकेत मिल रहे हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा, "ऐसा लगता है, जैसे मोदी-शाह ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों, ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और शहीदों पर वार करना शुरू कर दिया है। प्रत्येक दिन एक मोदीभक्त मुखौटा लगाकर महात्मा की आत्मा का अपमान करने का प्रयास करता है।

मायावती ने कहा, "काशी को विकसित करने में स्वच्छता और बुनकरों की समस्याओं को दूर करने का जो वादा किया गया, वह भी पूरा नहीं हो सका है। पीएम ने यहां सैकड़ों प्राचीन मंदिरों को तुड़वाया है जिससे सैकड़ों परिवारों को दुख झेलना पड़ा।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यह पुलवामा के शहीद पंकज त्रिपाठी की धरती है। यहां भाजपा की झूठ, फरेब और नफरत की राजनीति नहीं चलेगी। भाजपा की योजनाएं, भाजपा के दावे सभी खोखले हैं।

राजनाथ ने ट्वीट में कहा, "कानून-व्यवस्था किसी राज्य सरकार और उसके मुख्यमंत्री की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पश्चिम बंगाल सरकार ओर मुख्यमंत्री को मौजूदा हालात की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"

ममता बनर्जी ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि, "चुनाव आयोग मोदी और शाह के इशारों पर काम कर रही है। अमित शाह चुनाव आयोग को धमका रहे हैं, मोदी चुनाव आयोग की बांह मरोड़ रहे हैं।"

गुजरात के पाटीदार नेता ने कहा जिस गुजरात माडल के नाम पर आप लोगों ने 2014 में यहां कलराज मिश्रा को वोट दिया था, उस गुजरात के 16 हजार गांवों में पीने व सिंचाई के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।"

भाजपा और खासकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कर्जमाफी पर उठाए गए सवाल का कांग्रेस व राज्य सरकार की ओर से आक्रामक तरीके से जवाब दिया गया है। कभी सुरक्षात्मक तरीके से काम करने वाली कांग्रेस अचानक आक्रामक हो गई?

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा चुनाव के छठे चरण के तहत रविवार को वोट डाला। उन्होंने दावा किया कि इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता से बेदखल हो जाएगी।

चुनाव प्रचारों में राजनेताओं की जुबान बहकना कोई नई बात नहीं है, लेकिन वोटरों को लुभाने और राजनीतिक विरोधियों को शब्दों की धार से मारने कोशिश में कभी-कभी वो सारी सीमाएं लांघ जाते हैं।