मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)(RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत(Mohan bhagwat) ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी(Pranab Mukharjee) के निधन पर शोक प्रकट किया और उन्हें ‘एक महान विद्वान और देशभक्त’ बताया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर संघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने आत्मनिर्भर भारत अभियान पर बोलते हुए विकास के तीसरे मॉडल की जरूरत पर जोर दिया है।

अयोध्या में बरसों की प्रतीक्षा खत्म हो गई। पीएम मोदी के हाथों आज राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन हुआ। जिसके बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मंदिर बनाने के लिए कई लोगों ने बलिदान दिया।

पहली बार पांच अगस्त को ऐसा संयोग बना जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में ट्रस्ट ने संघ प्रमुख मोहन भागवत को भी बतौर विशिष्ट अतिथि आमंत्रित किया।

ज्ञात हो कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तरफ से भेजे गए इस आमंत्रण पत्र में लिखा है श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमिपूजन और कार्यारम्भ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर कमलों के द्वारा होगा।

महामारी काल में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 'वर्तमान परिदृश्य और हमारी' भूमिका विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि कोरोना से पूरी दुनिया जूझ रही है।

कोरोनावायरस के संकट के कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अप्रैल से जून तक होने वाले 90 से अधिक कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया है।

मोहन भागवत ने कहा, "पूर्व में दो-दो साल तक शाखाएं बंद रहीं। फिर भी संघ का काम चलता रहा। शासन-प्रशासन की नीति और सामूहिक अनुशासन का पालन समाज को करना है। सामूहिक अनुशासन का पालन संघ की शिक्षा रही है। इसके हम अभ्यस्थ हैं।"

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने राष्ट्रवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। मोहन भागवत ने झारखंड की राजधानी रांची में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रवाद शब्द की जगह राष्ट्र या राष्ट्रीय शब्द का इस्तेमाल होना चाहिए क्योंकि इसमें नाजी और हिटलर की झलक मिलती है।

इस दौरान उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में आये छात्र छात्राओं और स्वयंसेवकों को संबोधित किया।