मोहन भागवत

जानकारी के मुताबिक सभी मुस्लिम पक्षकारों ने हाल ही में राजीव धवन के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग में  रिव्यू पिटिशन डालने पर सहमति बन गई थी। राजीव धवन के पास इस रिव्यू पिटिशन को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी दी गई थी।

मौलाना सैयद असद रशीदी अयोध्या जमीन विवाद के  मूल पक्षकार एम सिद्दीकी के वैधानिक उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।

हालांकि, अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सुन्नी बोर्ड की एक बैठक हुई। बोर्ड की मीटिंग में 7 में से 6 सदस्यों ने रिव्यू पिटीशन नहीं दाखिल करने के हक में बात रखी। एक सदस्य ने विरोध किया।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी सियासी घमासान पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इशारों-इशारों में महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बीच चल रहे तनाव पर दोनों दलों को नसीहत दी है।

बोर्ड की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि विवादित भूमि पर नमाज पढ़ी जाती थी और गुंबद के नीचे जन्मस्थान होने के कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर फैसले समझ के परे है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में मुसलमानों की खातिर पांच एकड़ जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।यह जमीन मस्जिद के निर्माण के लिए दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक सरकार अयोध्या की 14 कोसी सीमा के बाहर ही इस जमीन की तलाश कर रही है।

सूबे में बीते ढाई साल में शनिवार को पहला मौका था जब पूरे प्रदेश में एक भी हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार और डकैती जैसी कोई वारदात नहीं हुई। इस तरह से फैसले के दिन यूपी पूरी तरह से अपराधमुक्त रहा।

राम मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब इसके स्थापत्य को लेकर उत्सुकताएं जागी हैं। इसकी तैयारियां 90 के दशक यानी करीब 30 साल पहले ही आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई ने शुरू कर दी थी।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का पुरातत्वविद और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पूर्व अधिकारी केके मोहम्मद ने भी स्वागत किया है।

दिग्गज पटकथा लेखक और फिल्म निर्माता सलीम खान ने शनिवार को कहा कि अयोध्या में मुस्लिमों को दी जाने वाली पांच एकड़ भूमि पर स्कूल बनाया जाना चाहिए।