मौजपुर

ये भी जानना ज़रूरी है की ये दंगे किन इलाक़ों में हुए। ये सभी इलाक़े मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं जिसकी पुष्टि 2011 की जनसंख्या रिपोर्ट से होती है जो ये बताती है की उत्तर पूर्वी दिल्ली के इन इलाक़ों में क़रीब 30 फ़ीसदी मुस्लिम आबादी है।

याचिकाकर्ता हिंदूसेना ने दिल्ली पुलिस को एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी व पार्टी विधायक वारिस पठान और अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के निर्देश देने का निवेदन किया। याचिका में कहा गया कि इनके भाषणों से दिल्ली में सांप्रदायिक माहौल बढ़ा।

राजधानी दिल्ली के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 तक पहुंच गई है। हिंसा में 56 पुलिसकर्मियों समेत करीब 200 लोग घायल बताए जा रहे हैं। शीर्ष पुलिस सूत्रों ने बताया कि कंट्रोल रूम के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है।

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन करने वाले और विरोध करने वालों के बीच रविवार को भड़की हिंसा मंगलवार को भी जारी रही। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर आदि इलाकों में जारी हिंसा में करीब 250 से अधिक लोग घायल हो गए हैं, इनमें 56 पुलिस के जवान भी शामिल हैं।

दिल्ली पुलिस की ओर से मिली सूचना के मुताबिक चांदबाग, करावल नगर, मौजपुर और जाफराबाद में मंगलवार शाम को भारी संख्या में पुलिस बल उतार दिए गए हैं।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा जारी है। देश की राजधानी में बिगड़े हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और पुलिस अधिकारी शामिल हुए।

जाफराबाद में हिंसा के बाद तनाव को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ी तैनात की गई है। साथ ही मौजपुर और बाबरपुर इलाके में भी भारी संख्या में अर्धसैनिक बल तैनात है।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में शुरू हुए दंगों को तुरंत काबू करने के लिए उच्चस्तरीय मंथन शुरू हो गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तमाम आला हुक्मरानों को इस आपात बैठक में तलब किया है।

प्रदर्शनकारियों के इकट्ठा होने व उनके सड़क पर बैठने की वजह से इस रास्ते से लोगों की आवाजाही बंद हो गई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने रोड नंबर 66 जाम कर रखा है, ये सड़क सीलमपुर को मौजपुर और यमुना विहार से जोड़ती है।