यासीन मलिक

Terrorist Yasin Malik: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गृह सचिव अजय भल्ला को लिखे पत्र में इस मामले से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं की गंभीरता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यासीन मलिक को बिना किसी आधिकारिक आदेश के सुप्रीम कोर्ट में लाना गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। यासीन मलिक के जीवन पर किसी भी संभावित जोखिम या संभावित अप्रिय घटनाओं से बचने के लिए की गई कार्रवाई आवश्यक समझी गई।

महबूबा किस तरह दुर्दांत आतंकी यासीन मलिक का पक्ष लेती रहीं, ये इसी से पता चलता है कि साल 2019 में भी जब यासीन को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तो महबूबा ने बयान दिया था कि आप इंसानों को कैद कर सकते हैं, लेकिन उनके विचारों को कभी कैद नहीं किया जा सकता।

रूबिया सईद का 8 दिसंबर 1989 को अपहरण हुआ था। तब केंद्र में वीपी सिंह की सरकार थी और जेकेएलएफ के 5 आतंकियों को रिहा करने के बाद 13 दिसंबर को रूबिया को भी छोड़ दिया गया था। टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक को 2019 में जब एनआईए ने गिरफ्तार किया, तो उस पर इस मामले में भी केस चलने लगा।

Targeted killing in Kashmir: उल्लेखनीय है कि 30 मई, 2017 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कुछ नेताओं के ख़िलाफ़ गैर-नामजद मामला दर्ज करके जांच शुरू की। यह मामला उन नेताओं के खिलाफ दर्ज किया गया था जिनकी जम्मू-कश्मीर में सक्रिय कुख्यात आतंकी संगठनों के साथ सांठगाठ थी। इस केस में विभिन्न अवैध तरीकों से धन इकठ्ठा करना और उसे आतंकी संगठनों और उपद्रवियों की भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए मुहैय्या कराने की जांच भी शामिल थी।

यूं तो पाकिस्तान की सेना कहती है कि उसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। वो जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने में अपने हाथ को भी हमेशा नकारती है, लेकिन जब कश्मीर घाटी में निर्दोषों की जान लेने और टेरर फंडिंग के दोषी यासीन मलिक को सजा हुई, तो पाकिस्तान के नेताओं के साथ वहां की सेना का दर्द भी जाग उठा।

अंबरीन की हत्या पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने दुख जताया है। अंबरीन नामचीन एक्टर थीं। वो टीवी शोज में एक्टिंग करती थीं। उनकी हत्या आतंकियों ने किस वजह से की, इसका पता नहीं है। पहले उन्हें धमकी दिए जाने की भी कोई बात सामने नहीं आई थी।

Yasin Malik: वहीं आतंकियों को पनाह पाकिस्तान को यासीन मलिक की सजा मिलने पर बौखलाहट नजर आ रही है। यासीन मलिक की सजा सुन पाकिस्तान को सदमा लगा है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा पर ट्वीट कर कहा कि यासीन के साथ नाइंसाफी हुई है।

yasin-malik-on-terror-funding-case: बता दें कि विगत दिनों हुई पूछताछ में यासिन ने खुद आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की बात स्वीकार की थी। यही नहीं, यासीन जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों मेंं शामिल रह चुका है। जिसे लेकर अब एनआईए ने उसे दोषी करार दिया है, जिसे लेकर आज दोपहर फैसला सुनाया जाना है। अब ऐसी स्थिति में यह देखना होगा कि उसे क्या फांसी  होती है या उम्र कैद।

इस ट्वीट में थरूर और केजरीवाल को तो विवेक ने सीधे टैग किया, लेकिन एक के लिए प्रिय स्टार की पत्नी लिखा। माना जा रहा है कि उन्होंने अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना के बारे में लिखा है। क्योंकि ट्विंकल ने भी द कश्मीर फाइल्स का मजाक उड़ाया था।

आपको लगता होगा कि यासीन मलिक फिर जेल भी तो गया होगा। जी नहीं। पकड़ा भले ही कई बार गया हो, लेकिन उसे उसके इन घिनौने आतंकी कर्मों की वजह से किसी सरकार ने अब तक सजा नहीं दिलाई थी। मोदी सरकार के दौर में उसके पापों का हिसाब लिए जाने की शुरुआत हुई।


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