यूपीए

विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल के अलावा कांग्रेस का अपना भी एक एग्जिट पोल सामने आया है। जिसके मुताबिक, बीजेपी 200 से नीचे सिमट जाएगी और एनडीए 230 सीटों पर रुक जाएगा, जबकि कांग्रेस अकेले 140 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। हालांकि कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी के सर्वे में यूपीए 195 से अधिक सीटें जीत रहा है।

एग्जिट पोल सामने आते ही कांग्रेस ने एनडीए को सत्ता में लौटने से रोकने की तैयारी और तेज कर दी है। खबरें हैं कि कांग्रेस ने नतीजों से पहले ही गठबंधन को और मजबूत करने के लिए गोटियां सेट करनी शुरू कर दी हैं। कांग्रेस का मानना है कि यदि एनडीए बहुमत से कुछ दूर रहती है तो इस तरह की रणनीति काफी मददगार साबित हो सकती है।

इसी के तहत लोकसभा चुनाव नतीजों से पहले विपक्षी दलों ने मंगलवार को चुनाव आयोग से मिलने की तैयारी की है। इस मुलाकात में ईवीएम के साथ वीवीपैट की पर्ची के मिलान का मुद्दा उठाया जाएगा। विपक्ष की मांग है कि यदि किसी भी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी पाई जाती है तो समूचे विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम के साथ वीवीपैट का मिलान होना चाहिए।

सट्टा बाजार का मानना है कि कांग्रेस 75-82 सीटें जीत सकती है। कई एक्जिट पोल के नतीजे बताते हैं कि राजग को 312, संप्रग को 110 और अन्य को 98 सीटें मिल सकती हैं। 

मायावती की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी से मुलाकात की खबरों के बीच बीएसपी ने कहा है कि उनकी कोई बैठक नहीं है। पहले बताया जा रहा था कि मायावती सोमवार को राहुल और सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगी।

2019 लोकसभा चुनाव में सर्जिकल स्ट्राइक बड़ा मुद्दा बन गया है। कांग्रेस लगातार दावे कर रही है कि उनके टाइम में कई बार सर्जिकल स्ट्राइक की गई, लेकिन उन्होंने कभी इसका क्रेडिट नहीं लिया। हालांकि इस दावे के उलट रक्षा मंत्रालय का कहना है कि 2016 से पहले भारतीय सेना की ओर से ऐसे किसी स्ट्राइक की सूचना उसके पास नहीं है। रक्षा मंत्रालय का यह बयान आरटीआई के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में आया।

इस सर्वे के द्वारा इन सभी राज्यों की लोकसभा सीटों से एकत्रित आंकड़ों में पाया गया कि मतदाताओं में 39% लोगों की पसंद कांग्रेस पार्टी है जबकि भाजपा को पसंद करनेवाले लोगों का प्रतिशत 31 है

सोनिया गांधी ने रायबरेली लोकसभा सीट से पांचवीं बार नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए कहा कि 2004 मत भूलिए। उन्होंने यह भी कहा, 'वाजपेयी भी अजेय थे लेकिन हम जीते।' बता दें कि 2004 में सभी सियासी पंडितों के दावों को खारिज करते हुए कांग्रेस ने वाजपेयी सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था।

यह सर्वेक्षण 24 और 31 मार्च के बीच सभी 543 लोकसभा सीटों से लिए गए 65,160 नमूनों के जरिए किया गया। सर्वेक्षण में शामिल प्रतिभागियों में 34,272 पुरुष और 30,888 महिलाएं शामिल थीं।

देश के दूसरे सबसे बड़े सियासी राज्य महाराष्ट्र की 48 सीटों के लिए एबीपी न्यूज के साथ नीलसन ने सर्वे किया है। महाराष्ट्र में एनडीए के 48 में से 37 सीटों पर जीत हासिल करने की संभावना है जबकि यूपीए को 11 सीटों पर कब्जा मिल सकता है। ये प्रदर्शन यूपीए के लिए पिछली बार के मुकाबले अच्छा रह सकता है।