यूपी सरकार

यूपी में एक बार फिर आधी रात को तबादलों की लिस्ट जारी की गई। राज्य में तबादलों का दौर जारी है। इस बार योगी सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए 14 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया।

मालूम हो कि दूसरे प्रदेशों से अब तक करीब 30 लाख से अधिक कामगार एवं श्रमिक अब तक वापस आ चुके हैं। इनमें से करीब 24 लाख के स्किल की मैपिंग हो चुकी है।

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए योगी सरकार ने गृह व पुलिस विभाग को निर्देश दिया है कि प्रदेश में जो भी बिना मास्क के घूमते मिले, उससे नियमानुसार जुर्माना लिया जाए। साथ ही 5-5 रुपये में सरकार मास्क भी मुहैया करवा रही है।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार इस काम को करने के प्रयास में है कि उनके राज्य में वापस लौटकर आए श्रमिकों को राज्य से बाहर काम करने के लिए नहीं जाना पड़े।

जानकारी के मुताबिक, हर इकाई से सरकार स्क्लिड और नान स्किल्ड मैनपावर की डिमांड मांग रही है। इसके साथ ही उद्योगों को हर तरह की मदद देने में सीएम योगी जुटे हैं।

सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और बेसिक शिक्षा बोर्ड की ओर से पेश हुए राकेश मिश्रा को कुछ भी बोलने की जरूरत नहीं पड़ी। शिक्षामित्रों की तरफ से मुकुल रोहतगी ने अदालत में दलीलें रखते हुए कहा कि एकल पीठ ने हमारे दावे के समर्थन में फैसला दिया था लेकिन डिविजन ने हमारे पक्ष को पूरी तरह से नहीं सुना।

गाजियाबाद आरटीओ ने बताया कि उनके पास 500 बसों की जानकारी थी। उन्होंने इंतजामात भी कर लिए थे। शहर में दो जगह बसों को रखने और उनके सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई थी। ये बसें साहिबाबाद बस डिपो और इंदिरापुरम रामलीला मैदान में इकट्ठा होनी थीं।

योगी सरकार ने लाॅकडाउन के दौरान 78,000 श्रमिक कार्मिकों को सम्बंधित इकाईयों द्वारा 1604 करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया है। इसके साथ ही 1.68 लाख लघु और मध्यम इकाइयों को चालू कराया है जिसमें 18.46 लाख कार्मिकों को काम मिला।

योगी सरकार के श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को मजदूरों का दुश्मन करार दिया है। उन्होंने कहा कि श्रम संशोधन अध्यादेश आया है यह इसीलिए आया है कि इससे प्रवासी कामगारों को रोजगार मिले।

पुलिस के अनुसार 12 विदेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा लेकर शामली पहुंचे थे, लेकिन धर्म का प्रचार कर रहे थे। जबकि 3 लोग असम के रहने वाले थे। पूरा मामला जिले के थाना भवन थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार 15 लोगो की जमात भैसानी इस्लामपुर गांव की मक्का मस्जिद में बाहर से आकर रुकी थी। इनमें 12 बांग्लादेशी थे, जो टूरिस्ट वीजा लेकर शामली पहुंचे थे।