यूपी सरकार

यूपी इंडस्ट्रीज के लिए भी आदेश जारी किए गए हैं। यूपी सरकार ने आवश्यक सेवाओं के साथ 9 प्रकार के उद्योगों को सशर्त चलाने की अनुमति दी है। सतत प्रक्रिया उद्योगों के संचालन को सरकार की अनुमति है।

इसके साथ ही सरकार ने यूपी के हर जिले से सैंपल मंगाना शुरू कर दिया है। हर जिले में 20 सैंपल रोज मंगाए जा रहे हैं। हॉटस्पॉट में यह संख्या 150 से 200 सैंपल की है। यूपी में अभी तक करीब 25 सौ सैंपल की जांच की जा चुकी है।

यूपी सरकार ने 15 जिलों को पूरी तरह से सील कर दिया है। इन जिलों में 13 अप्रैल तक कोई भी आवाजाही नहीं होगी। यहां तक की सामानों की होम डिलिवरी होगी, यानी कोई भी दुकान नहीं खुलेंगे। सिर्फ कर्फ्यू पास वालों को आने-जाने की इजाजत होगी।

योगी सरकार ने इस 11 सदस्यीय कमेटी को अलग अलग ज़िम्मेदारी सौंपी है। इनमें मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी अंतरराज्यीय मामलों और भारत सरकार के साथ संवाद बनाने और शिक्षा व सेवायोजन से जुड़े लोगों के लिए काम कर रही है।

कोरोना के संभावित खतरे को देखते हुए इस सोसायटी को दो दिन के लिए सील या लॉकडाउन कर दिया गया है, अब न यहां कोई अंदर आ सकेगा, न कोई बाहर जा सकेगा। यह मामला नोएडा सेक्टर 74 की केपटाउन सोसायटी का है। सोसायटी को बंद करने का आदेश डीएम की तरफ से आया है। 

कोरोनावायरस के खिलाफ चल रही जंग के बीच उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बड़ा ऐलान किया है। वायरस के चलते दिहाड़ी मजदूरों का रोजगार प्रभावित हो रहा है, लिहाजा सरकार ने उन्हें 1000 रुपये देने का फैसला किया है।

अदालत ने कहा, "बिना कानूनी उपबंध के नुकसान वसूली के लिए पोस्टर में फोटो लगाना अवैध है। यह निजता के अधिकार का हनन है। बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए किसी की फोटो सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करना गलत है।"

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण करने को लेकर कई सख्त कदम उठानेवाली है।

कावड़ियों को लेकर उन्होंने कहा कि कावड़ियों को निर्धारित मार्गो पर चलने के लिए कहें और कोई भी झड़प न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की नियुक्ति की जाए।

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक इसके तहत लोक संपत्ति के नुकसान का आंकलन करने का अधिकार हाईकोर्ट के सीटिंग या सेवानिवृत्त जज अथवा जिला जज को है।