यूपी सरकार

Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार (Government of Uttar Pradesh) ने भ्रष्टाचार (Corruption) रोकने को लेकर नई पहल शुरु की है। योगी सरकार (Yogi Government) ने सतर्कता जागरुकता सप्ताह की शुरुआत की है। यह अभियान 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक चलेगा।

Yogi Adityanath Govt : हाथरस कांड (Hathras Case) को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने एक बार फिर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गरीबी और गरीबों की लाश पर राजनीति करने वाले कभी गरीबों के हितैषी नहीं हो सकते।

Hathras Case: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हाथरस कांड (Hathras Case) को लेकर देश भर के लोगों काफी रोष है। 14 सितंबर को युवती के साथ घटी घटना को लेकर सभी पीड़िता को इंसाफ दिलाना चाहते हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं।

Hathras Case : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हाथरस (Hathras) कांड में पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए देशभर में गुस्सा देखने को मिल रहा है। इसी बीच इस मामले में यूपी पुलिस (UP Police) ने बड़ा बयान दिया है।

Hathras Gang Rape Case: उत्तर प्रदेश में हाथरस कांड (Hathras Gangrape Case) को लेकर देश में काफी गुस्सा है। पीड़िता के लिए अब देशभर से लोग सड़कों पर उतर आए हैं।

Unlock-5 : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में योगी सरकार (Yogi Government) ने अनलॉक-5 (Unlock-5) के दिशानिर्देश जारी (Guidelines Issued) कर दिए हैं।

Yogi Government: सीएम योगी(CM Yogi) ने प्रदेश में कोरोना(Corona) के हालात को लेकर बताया कि आज तक प्रदेश के अंदर एक करोड़ से ज़्यादा टेस्ट हो चुके हैं। प्रदेश में औसत पॉजिटिविटी रेट 4% से कम है, मृत्य दर 1.4% के करीब है और रिकवरी रेट 85.34% है।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में योगी आदित्यनाथ की सरकार (Yogi Adityanath Govt) किसानों को समर्पित एक नया निकाय बनाने की तैयारी कर रही है।

आपको बता दें कि बीते दिनों उदयभान सिंह, अतुल गर्ग की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। अबतक योगी सरकार (yogi government) के करीब आधा दर्जन से ज्यादा मंत्री वायरस की चपेट में आ चुके हैं।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) कोरोना जांच के मामले में मानक से काफी आगे निकल चुका है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन (Amit Mohan) ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश की जनसंख्या के हिसाब से 32 हजार सैंपल की जांच होनी चाहिए, जबकि यहां करीब चार गुना अधिक जांच हो रही है।