रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

एक तरफ जहां सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन (India & China) के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच भारत को कल यानी कि 10 सितंबर से लड़ाकू विमान राफेल (Rafale Jet) की ताकत मिलने जा रही है।

भारत (india) ने हाइपरसोनिक मिसाइल (Hypersonic Missile) तकनीक का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है, जो हवा में आवाज की गति से छह गुना तेज गति से दूरी तय करने में सक्षम है।

रूस पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) पर जोरदार हमला बोला है। राजनाथ सिंह ने मॉस्को (Moscow) में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में हिस्सा लिया।

चीन (China) से तनाव के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) रूस (Russia) की तीन दिवसीय यात्रा के लिए बुधवार को मास्को (Moscow) के लिए रवाना होंगे।

इससे पहले दिन में राजनाथ ने कहा, "रक्षा मंत्रालय अब आत्मनिर्भर भारत की पहल में एक बड़ा योगदान देने के लिए तैयार है। मंत्रालय ने रक्षा उपकरणों के उत्पादन में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए 101 उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है।"

सीमा विवाद के बीच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप भारत पहुंच गई हैं। हरियाणा के अंबाला एयरबेस में बुधवार को राफेल विमान लैंड हुए, जहां उनका स्वागत वाटर सैल्यूट के साथ किया गया।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमने कोविड-19 की स्थिति पर भी बात की। दोनों देश इस महामारी से मिलकर कैसे लड़ सकते हैं, इस पर भी हमारे बीच वार्ता हुई।'

उन्होंने कोविड-19 महामारी के प्रति राष्ट्र की प्रतिक्रिया में योगदान और कई मानवीय सहायता एवं आपदा राहत मिशनों के दौरान निभाई गई भूमिका के लिए आईएएफ की सराहना की।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत शांति चाहता है लेकिन चीन के साथ वार्ता का कोई अंतिम नतीजा निकलने की गारंटी नहीं है। उन्होंने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ विवादपूर्ण सीमा क्षेत्रों में सैन्य तैयारियों का जायजा लिया और जमीनी स्थिति की समीक्षा की।

सीमा पर तनाव के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज से दो दिन के लद्दाख और कश्मीर के दौरे पर हैं। आज वह पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के साथ लेह पहुंचे।