रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

उन्होंने कोविड-19 महामारी के प्रति राष्ट्र की प्रतिक्रिया में योगदान और कई मानवीय सहायता एवं आपदा राहत मिशनों के दौरान निभाई गई भूमिका के लिए आईएएफ की सराहना की।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत शांति चाहता है लेकिन चीन के साथ वार्ता का कोई अंतिम नतीजा निकलने की गारंटी नहीं है। उन्होंने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ विवादपूर्ण सीमा क्षेत्रों में सैन्य तैयारियों का जायजा लिया और जमीनी स्थिति की समीक्षा की।

सीमा पर तनाव के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज से दो दिन के लद्दाख और कश्मीर के दौरे पर हैं। आज वह पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के साथ लेह पहुंचे।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से जम्मू में सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाए गए 6 नए पुलों का उद्घाटन किया। समारोह में जम्मू-पुंछ संसदीय क्षेत्र के सांसद जुगल किशोर शर्मा, डिवीजनल कमिश्नर संजीव वर्मा, कठुआ के डीसी ओपी भगत, बीएसएफ के आइजी एनएस जम्वाल, बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी सहित भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता एवं कुछ प्रमुख नागरिक मौजूद रहे। आप भी देखें उद्घान की तस्वीरे....

इस अवसर पर राजनाथ सिंह कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि इन पुलों का निर्माण दुश्मनों द्वारा निरंतर सीमा पर गोलीबारी के बावजूद समय पर पूरा कर लिया गया है।

बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने निर्देश दिया है कि सभी सीमा ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) पर तेजी से कार्य किया जाए, ताकि सुरक्षा बलों की आवाजाही प्रभावित न हो।

चीन से तनातनी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अचानक लेह पहुंचे हैं। पीएम मोदी यह जवानों से मुलाकात कर रहे है साथ ही उनका हौसला बढ़ा रहे है।

देश में हर साल की तरह इस साल भी नेशनल डॉक्टर्स-डे मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई मंत्रियों ने डॉक्टरों को सलाम किया।

मॉस्को की उनकी यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्वी लद्दाख में सीमा मुद्दे को लेकर चीन के साथ भारत के संबंध बिगड़ गए हैं। दोनों देशों की सेनाएं सीमा संबंधी मुद्दों पर आमने-सामने हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा, 'रूसी उपप्रधानमंत्री युरी इवानोविक बोरिसोव से मेरी बातचीत बहुत सकारात्‍मक रही। महामारी की कठिनाइयों के बाद भी हमारे द्विपक्षीय संबंध बने हुए हैं। मुझे भरोसा दिलाया गया है कि जो समझौते किए जा चुके हैं, उन्हें जारी रखा जाएगा। यही नहीं कई मामलों में इनको बहुत कम समय में पूरा किया जाएगा।'