रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत व चीन के बीच हुई हिंसक झड़प में शहीद होने वाले एक कमांडिंग ऑफिसर सहित 20 सैनिक देश के लगभग सभी हिस्सों के रहने वाले थे।

एलएसी पर हुई भारतीय सैनिकों की शहादत को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि हमारे सैनिकों ने कर्तव्य की राह में अनुकरणीय साहस और वीरता प्रदर्शित की है।

उन्होंने कहा,'हमारे यहां गोरखा रेजिमेंट ने समय समय पर अपने शौर्य का परिचय दिया है। उस रेजिमेंट का उद्घोष है कि “जय महाकाली आयो री गोरखाली”। महाकाली तो कलकत्ता, कामाख्या और विंध्यांचल में विद्यमान हैं। तो कैसे भारत और नेपाल का रिश्ता टूट सकता है?

सुशांत सिंह की आत्महत्या से पूरा देश सदमे में हैं ना सिर्फ बॉलीवुड बल्कि सियासी जगत भी उनके निधन पर दुख व्यक्त कर रहा है। सुशांत ने मुंबई में अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके नौकर ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सुशांत सिंह के मौत की खबर को स्तब्ध करने वाला बताया। वहीं, रेलमंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट कर अपना शोक व्यक्त किया।

इस बैठक में केंद्र सरकार की ओर से घोषित आर्थिक सुधारों की समीक्षा भी होगी। सूत्रों ने बताया कि कोरोना के संकट से जूझते हर वर्ग को मिले राहत पैकेज की समीक्षा और आर्थिक सुधारों का क्रियान्वयन इस मीटिंग का एजेंडा है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा, "यह लेफ्टिनेंट जनरल शेकातकर की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की समिति की सिफारिशों के अनुरूप है, जिसने सशस्त्र बलों के युद्धक क्षमता और असंतुलन रक्षा खर्च को बढ़ाने के उपायों की सिफारिश की थी।"

सरकार के फैसले का बचाव करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि कश्मीर के हितों में कुछ कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, "हर किसी को इसका स्वागत करना चाहिए।"

इस कार्यक्रम में भारत सरकार के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल और संत रमेश भाई ओझा ने एकल अभियान द्वारा निस्वार्थ भाव से आदिवासी, वनक्षेत्र और अतिग्रामीण अंचल के 40 करोड़ से ज्यादा लोगों की सेवा के कार्यों की सराहना की।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, भारत को विश्वगुरु बनाना है तो हर व्यक्ति को शिक्षित और संस्कारी होना जरुरी है, और यही कार्य एकल अभियान कर रहा है।

दिल्ली में एनसीसी के गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित शिविर में रक्षा मंत्री ने कहा, 'हम (भारत) कहते हैं कि हम धर्मों के बीच भेदभाव नहीं करेंगे। तो हम ऐसा क्यों करेंगे? हमारा पड़ोसी देश तो यह ऐलान कर चुका है कि उनका एक धर्म है। उन्होंने खुद को धर्मशासित देश घोषित किया है. हमने ऐसी घोषणा नहीं की है।'