रक्षा मंत्रालय

इन कंपनियों को रजिस्ट्रेशन से पहले इन कम्पनियों को रक्षा मंत्रालय (Defance Ministry), विदेश मंत्रालय से राजनीतिक सहमति और गृह मंत्रालय (Home Ministry) से सुरक्षा संबंधी अनुमति लेनी होगी।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएएल से वायुसेना के लिए 106 बेसिक ट्रेनर विमानों (बीटीए) की खरीद को रक्षा मंत्रालय ने मंजूरी प्रदान की है। मंगलवार को हुई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देते हुए कुल 8722.38 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मंजूरी प्रदान की गई है।

इससे पहले रक्षा मंत्री ने रविवार को महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए आत्मनिर्भर की पहल को आगे बढ़ाने और रक्षा उत्पादन के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए 101 रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

रविवार को हुए रक्षा मंत्रालय द्वारा ऐलान के बाद अब करीब 101 घातक हथियारों और जरूरत के सामानों को भारत में ही बनाया जाएगा, आने वाले वक्त में इनका इम्पोर्ट बिल्कुल बंद कर दिया जाएगा।

सेना और वायु सेना द्वारा लद्दाख सेक्टर के फॉरवर्ड इलाकों में चीन की सीमा के साथ तैनात किया गया है। ड्रोन चीनी सेना द्वारा disengagement को सत्यापित करने में मदद कर रहे हैं और साथ ही साथ उनकी टुकड़ियों की संख्या की जानकारी पता लगाने में भी मददगार साबित हो रहे हैं।

इससे पहले दिन में राजनाथ ने कहा, "रक्षा मंत्रालय अब आत्मनिर्भर भारत की पहल में एक बड़ा योगदान देने के लिए तैयार है। मंत्रालय ने रक्षा उपकरणों के उत्पादन में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए 101 उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है।"

रक्षा मंत्री के मुताबिक यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर किया गया है। इस फैसले से भारत के रक्षा उद्योग को बड़े पैमाने पर उत्‍पादन का अवसर मिलेगा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि, रक्षा मंत्रालय अब आत्मनिर्भर भारत पहल के लिए एक बड़ा पुश देने को तैयार है। रक्षा उत्पादन के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्रालय 101 से ज़्यादा वस्तुओं पर आयात प्रतिबंध(एम्बार्गो) पेश करेगा।

मंत्रालय ने कहा कि चीनी अतिक्रमण एलएसी पर बढ़ रही है और विशेष रूप से 5 मई, 2020 से गलवान घाटी में ज्यादा बढ़ गई है। चीनी पक्ष ने 17 मई और 18 मई को कुंगरांग नाला, गोगरा और पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट के क्षेत्रों में अतिक्रमण किया है।

दरअसल रक्षा मंत्रालय को भारतीय सेना के जवानों और सैन्य वर्दी के अपमानजनक तरीके से फिल्म और वेब सीरीज  में चित्रित करने के बारे में कुछ शिकायतें मिलीं है।