राकेश टिकैत

Farmers Protest: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी इस मुद्दे को लेकर सियासत करने से बाज नहीं आ रहे है। दरअसल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले किसान नेता राकेश टिकैत राज्य में महापंचायत करने जा रहे है। वह 13 मार्च को पश्चिम बंगाल में रहेंगे। 

Farmers Protest: राकेश टिकैत के इस दावे के बाद से लोग भाजपा के उस सांसद के नाम को लेकर अटकलें लगाना शुरू कर चुके हैं। लोग तो यह तक मानने लगे हैं कि पश्चिमी यूपी का कोई सांसद किसानों के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे सकता है। लेकिन वहीं कुछ लोग यह मानने लगे हैं कि यह शुरुआत पंजाब या हरियाणा से हो सकती है।

Farmer Protest: दरअसल आंदोलन को अक्टूबर तक ले जाने को लेकर किसान नेताओं में आपसी सहमति नहीं बन पा रही है। इसी के चलते किसान नेताओं में आपसी मतभेद नजर आ रहे हैं।

Tara Gandhi Bhattacharya : इस दौरान राकेश टिकैत(Rakesh Tikait) ने मंच से कहा कि, "किसान आंदोलन होगा और चलता रहेगा, चाहे गर्मी हो या बरसात। गर्मियों में बॉर्डर पर जनरेटर लगाए जाएंगे और जिस तरह गांव गांव से पानी आया है, उसी तरह डीजल भी गांव गांव से आएगा।"

Farmer Protest: वीरेंद्र सिंह(Virendra Singh) ने कहा, '26 जनवरी को जो कुछ हुआ उसके बाद राकेश टिकैत(Rakesh Tikait) को आंदोलन खत्म कर दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर कर देना चाहिए था। सरकार उन्हें किसान समझ रही है, वो किसान नहीं हैं।

Farmers Protest: वहीं भारतीय किसान यूनियन के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह (Chaudhary Virendra Singh) ने भी जमकर कई चैनलों पर किसान नेता राकेश टिकैत पर हमला बोला। उन्होंने सीधे तौर पर इस आंदोलन को किसान आंदोलन कहने से मना कर दिया और कहा कि यह आंदोलन किसानों का आंदोलन ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जिसने कुर्ता-पैजामा पहन लिया वह कहां से किसान नेता हो गया यह तो सीधे तौर पर राजनेतिक आंदोलन हो गया।

Farmer Protest: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार(Sharad Pawar) ने सचिन को अपने क्षेत्र को छोड़कर किसी अलग विषय पर बोलने में सावधानी बरतने की सलाह दी है.

Chakka Jam: इसके अलावा किसान नेता दर्शन पाल ने चक्का जाम को लेकर कहा कि, 'चक्का जाम' सफल और शांतिपूर्ण रहा। कर्नाटक और तेलंगाना में कुछ समस्या सामने आई है, कुछ लोगों को हटाया गया है।

Kisan Andolan Chakka Jaam: केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में 12-3 बजे तक चला चक्का जाम खत्म हो गया है। किसानों नेताओं ने चक्का जाम खत्म किए जाने का ऐलान किया।

भारतीय किसान संघ (Indian Farmers Organization)ने ऐसा अंदेशा प्रकट किया था कि यह आंदोलन मंदसोर जैसा हिंसक रूप लेगा, संभवत 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन जिन लोगों ने हिसंक होकर नंगा नाच किया, इसमें भारतीय किसान संघ की आशंका सही सिद्ध हुई। इसलिए भारतीय किसान संघ को 6 फरवरी को चक्का जाम में कोई अनहोनी नहीं हो जाए, इसकी आशंका है।