राजनाथ सिंह

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के नए पद के लिए 20 वर्षों से चर्चा चल रही थी, मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए बिना समय बर्बाद किए तुरंत स्वीकृति दे दी।

राजनाथ ने व्यापारियों से कहा, "मैं आपको आश्वासन देता हूं कि वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण जो भी समस्याएं सामने आ रही हैं, हम जल्द उन पर विजय प्राप्त कर लेंगे।"

पीएम मोदी अपने ही सांसदों की जिम्मेदारी तय करने से नहीं चूकते हैं। उन्होंने अपने सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा है। पीएम ने उन सांसदों के प्रति नाखुशी जताई है जो बार-बार कहने के बावजूद सदन की बैठकों से गायब रहते हैं

बयान में कहा गया है, "हिमस्खलन की चपेट में आए जवानों को बचाने के लिए तुरंत सेना के हेलीकॉप्र्ट्स को मौके पर भेजा गया। हालांकि, मेडिकल टीम के पूरे प्रयासों के बावजूद दो जवानों को नहीं बचाया जा सका।"

राजनाथ सिंह ने भी लोकसभा में प्रज्ञा के बयान की निंदा करते हुए कहा, "नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहे जाने की बात तो दूर, हम उन्हें देशभक्त मानने की सोच की ही निंदा करते हैं। महात्मा गांधी हम लोगों के आदर्श हैं। वह पहले भी हमारे मार्गदर्शक थे और भविष्य में भी मार्गदर्शक रहेंगे। उनकी विचारधारा उस समय भी प्रासंगिक थी, आज भी है और आगे भी रहेगी।"

लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटना लगभग ना के बराबर हो गई है।  लोकसभा में सेना में भर्ती पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री  ने कहा कि देश में 73 सेना भर्ती केंद्र हैं। प्रत्येक भर्ती केंद्र के साथ एक निश्चित संख्या में जिले जुड़े होते हैं।

सिंगापुर में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पाकिस्तान पर जमकर बरसे। राजनाथ सिंह ने पाकिस्‍तान को एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब किया।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सियाचिन ग्लेशियर त्रासदी की जमीनी जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि सिंह इस समय सिंगापुर दौरे पर हैं, और उन्होंने त्रासदी के बारे में जानने के लिए जनरल रावत को फोन किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिन के दौरे पर अरुणाचल प्रदेश में है। राजनाथ सिंह ने इस दौरान चीन सीमा के पास सुरक्षा का जायजा लिया।

अयोध्या राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फाइनल फैसले के बाद सरकार का अगला एजेंडा कॉमन सिविल कोड हो सकता है। जिसके संकेत आज केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दिए हैं। आपको बताते चलें कि भाजपा नेता और समर्थक अब समान नागरिक संहिता की बात भी करने लगे हैं।