राजनाथ सिंह

राजस्‍थान के पोखरण पहुंचे राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए यह बात कही। राजनाथ सिंह ने संकेत दिए कि भारत परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल न करने से जुड़ी अपनी नीति को बदल भी सकता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, सबसे बड़ी आशंका तो हमारे पड़ोसी के बारे में रहती है। समस्या यह है कि आप दोस्त बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी का चुनाव आपके हाथ में नहीं होता।

पीएम मोदी पीछे वाली लाइन में क्यों बैठे हैं, इस सवाल पर जानकारी मिली है कि यह सांसदों की कार्यशाला है। वे बनारस से सांसद भी हैं। बतौर सांसद इस सत्र में प्रजेंटेशन सुन रहे हैं।

इस कार्यक्रम को संबोधित पीएम मोदी, अमित शाह और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया। इस कार्यक्रम में तीनों ही बड़े नेताओं ने सांसदों को संसदीय मर्यादा से परिचित कराया। 

पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी बीजेपी सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के मौजूद हैं।

रक्षा मंत्रालय उन सभी 10 विभागों में महिलाओं को परमानेंट कमीशन देने की फाइल पर तेजी से काम कर रहा है, जहां वे अभी तक महज कुछ सालों के लिए काम करती थीं।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कारगिल विजय की 20वीं वर्षगांठ पर जम्मू एवं कश्मीर के द्रास शहर में कारगिल युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

शनिवार को देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जम्मू कश्मीर में एक दिन के दौरे के लिए श्रीनगर पहुंचे। श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंचने सेना और प्रशासन के आला अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सांसदों को अपने क्षेत्र में जाकर सरकार की योजनाओं के बारे में जनता को बताना चाहिए। पहली जो छाप होती है वही आखिरी छाप होती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति से हटकर भी सांसदों को काम करना चाहिए।

कारगिल दिवस के इस खास मौके पर जहां रेलवे ने शहीदों को श्रद्धांजली देने के लिए ट्रेनों में शहीदों के पोस्टर लगाएगा। तो वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली स्थित वॉर मेमोरियल में विजय मशाल प्रज्वलित किया।