राजपथ

राजपथ पर भारतीय सेना का T-90 भीष्म टैंक को पेश किया गया। इसके अलावा के-9 वज्र-टी टैंक की भी नुमाइश की गई है।

इस साल के मुख्य अतिथि के रूप में बोल्सानोरो प्रधानमंत्री के साथ बैठकर भारत की समृद्ध विविधता के शानदार प्रदर्शन को देखते नजर आए।

वर्ष 1950 में आज के ही दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। इसे बनाने में दो वर्ष 11 माह और 18 दिन का समय लगा था। पहले गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर परेड हुई थी, और तभी से यह परंपरा जारी है।

गणतंत्र दिवस परेड में इस बार 22 झांकियां दिखाई देंगी रक्षा मंत्रालय ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले राज्यों की झांकियों का चुनाव कर लिया है। इसमें मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां शामिल हैं।

प्रोजेक्ट में सबसे अहम संसद का नए सिरे से निर्माण करना है। मौजूदा संसद साल 1911 की बनी हुई है। यह इमारत पुरानी हो चुकी है। नए परिसीमन की सूरत में अधिक सांसद आएंगे तो इसमें स्पेस भी नहीं रह जाएगा।

मोदी सरकार संसद के आसपास के इलाकों की तस्वीर बदलने जा रही है। संसद के नजदीक यह राजपथ का वह इलाका है जिसमें राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक कई इमारतें और प्रतिष्ठान शामिल हैं। सरकार ने इस पूरे क्षेत्र को नए सिरे से डेवलप करने का प्लान तैयार किया है।

नई दिल्ली। इस बार 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) की परेड बेहद खास होने वाली है। परेड में इस बार मोदी...