राजस्थान

गुरुवार को इन परिवारों ने भगवान राम और हनुमान जी की तस्वीर के समक्ष पूजा-अर्चना की। हिन्‍दू धर्म अपनाने वाले परिवारों के बुजुर्गों का कहना है कि उनके पूर्वज हिन्‍दू थे।

राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व से नाराज होकर बागी हुए सचिन पायलट सहित 19 कांग्रेस विधायकों की वापसी की संभावना के सवाल पर सुरजेवाला ने कहा, सबसे पहले बागी विधायक वार्तालाप करें और उसको करने के लिए पहली शर्त है कि भाजपा की मेजबानी छोड़ें।

राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच कांग्रेस की ओर से पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मंगलवार यानि आज प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने मंदिर निर्माण और भूमि पूजन को लेकर कांग्रेस का रुख साफ किया।

गौरतलब है कि पूर्वी डिप्टी सीएम सचिन पायलट और उनके 18 अन्य समर्थक कांग्रेस विधायकों के बागी होने के बाद राजस्थान की गहलोत सरकार सियासी संकट के दौर से गुजर रही है।

एसओजी ने कोर्ट से कहा है कि नोटिस देने के बावजूद राजेंद्र सिंह और भंवर लाल शर्मा वॉयस सैंपलिंग के लिए नहीं आ रहे हैं इसलिए कोर्ट आदेश दे कि आगे की जांच के लिए वे अपना वॉयस सैंपल एसओजी को दें।

बता दें कि स्पीकर सीपी जोशी का कल जन्मदिन था। इस मौके पर वैभव गहलोत ने उनसे मिलने पहुंचे थे। इस दौरान दोनों के बीच राजस्थान सरकार को लेकर बातचीत हुई।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी, जैसे कोविड-19 महामारी और बेरोजगारी। इसके पहले सोनिया गांधी ने पार्टी के लोकसभा सदस्यों की एक बैठक बुलाई थी।

राजस्थान संकट पर पार्टी की रणनीति से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्यपाल की शर्तों को लेकर पार्टी में दो राय है। कुछ नेताओं का मानना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार को अपनी शर्तों पर कायम रहना चाहिए।

अशोक गहलोत ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से राज्यपाल को लेकर बात की है। गहलोत ने कहा, 'मैंने कल प्रधानमंत्री के साथ बात की और उन्हें राज्यपाल के व्यवहार के बारे में बताया। मैंने उनके साथ उस पत्र के संबंध में भी बात की जो मैंने उन्हें सात दिन पहले लिखा था।'

राजस्थान में जारी सियासी उठापटक के बीच आज विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने बागी विधायकों (पायलट खेमा) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वापस लेने की गुहार लगाई। कोर्ट ने स्पीकर की ओर से दायर याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी है।