राजस्थान

इसी मामले में राजस्थान का स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) जगह-जगह कार्रवाई भी कर रहा है। एसओजी की टीम शुक्रवार शाम मानसेर पहुंची थी, जहां एक होटल में कांग्रेस के कुछ बागी विधायक ठहरे हुए हैं।

इस बीच शेखावत ने कहा कि टेप में मौजूद आवाज मेरी नहीं है और मैं जांच के लिए तैयार हूं। उन्होंने यह भी कहा कि वह जैन और शर्मा के संपर्क में नहीं है। राज्य में कई लोग हैं जिनका नाम गजेंद्र सिह है।

राजस्थान में मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर संजय झा लगातार सचिन पायलट का पक्ष लेते आ रहे हैं और कई बार कह चुके हैं कि सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए था।

पार्टी ने हार्स-ट्रेडिंग के वायरल ऑडियो में दो विधायकों विश्वेंद्र सिंह और भंवरलाल शर्मा का नाम आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया है। इससे पहले पार्टी ने पायलट को राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के पद से बर्खास्त कर दिया था।

मुख्यमंत्री गहलोत के इस ट्वीट को सचिन पायलट को मनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। गहलोत ने एक दिन पहले पायलट पर सीधा हमला करते हुए सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था।

एक के बाद एक लगातार चार ट्वीट कर बेनीवाल ने वसुंधरा राजे पर आरोप लगाया कि प्रदेश व देश की जनता वसुंधरा-गहलोत के आंतरिक गठजोड़ की कहानी को समझ चुकी है।

कांग्रेस के शीर्ष पदाधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "हमारी सरकार सुरक्षित है, हमारी तरफ से कोई जल्दबाजी नहीं है।" पार्टी उन विधायकों को वापस लेने के लिए ईच्छुक है, जो राज्य सरकार को भंग करने की साजिश को कमजोर करने के लिए पायलट के साथ थे।

बीना काक से पहले राज्‍यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी सीएम गहलोत को प्रशिक्षित जादूगर कहा था। उन्‍होंने कहा था कि मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत एक प्रशिक्षित जादूगर है।

बता दें कि लंबी खींचतान के बाद मंगलवार को कांग्रेस ने सचिन पालयट को डिप्टी सीएम और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया था।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि वह अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार को अस्थिर करने की निर्थक कोशिश कर रही है।