राफेल लड़ाकू विमान

Second batch of Rafale jets: फ्रांस (France) से राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale jets) का दूसरा जत्था भारत पहुंच गया है। भारतीय वायुसेना (IAF) ने बुधवार को जानकारी दी है कि राफेल विमानों का दूसरा जत्था फ्रांस से नॉन-स्टॉप उड़ान भरने के बाद बुधवार की रात 8:14 बजे भारत पहुंच गए है।

Rafale: भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को ताकतवर बनाने के लिए और दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए आज राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Aircraft) भारत पहुंच रहे हैं।

Rafale Jet : फ्रांस (France) ने भारत (India) को राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Jet) के अगले बैच को सौंप दिया है। इस बैच में शामिल पांचों विमान अभी फ्रांस की धरती पर ही मौजूद हैं।

Indian Airforce: भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को हाल ही में मिले राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Jet) की जिम्मेदारी संभालने वाली स्क्वाड्रन में जल्द ही एक महिला फाइटर पायलट की एंट्री हो सकती है।

एक तरफ जहां सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन (India & China) के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच भारत को कल यानी कि 10 सितंबर से लड़ाकू विमान राफेल (Rafale Jet) की ताकत मिलने जा रही है।

धनोआ ने कहा, "मैंने सौदे का बचाव इसलिए किया था कि मैं नहीं चाहता था कि यह बोफोर्स के रास्ते पर जाए। हम रक्षा खरीद प्रक्रिया के राजनीतिकरण के खिलाफ थे। यह वायुसेना की क्षमता सवाल था।"

राहुल गांधी ने बुधवार को ट्वीट किया, 'भारतीय वायुसेना को राफेल के लिए बधाई। हालांकि सरकार बताए कि 526 करोड़ का एयर क्राफ्ट 1670 करोड़ रुपये का कैसे हुआ? 126 की जगह 36 राफेल विमान क्यों खरीदे गए। HAL की जगह दिवालिया अनिल अंबानी को क्यों ठेका दिया गया?।'

राफेल जेट को दुनिया की सबसे शक्तिशाली मशीन बताते हुए शाह ने कहा कि ये आसमान में किसी भी चुनौती को नाकाम करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, "मुझे यकीन है कि राफेल हमारे वायु योद्धाओं को अपनी श्रेष्ठता से हमारे आसमान को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।"

सीमा विवाद के बीच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप भारत पहुंच गई हैं। हरियाणा के अंबाला एयरबेस में बुधवार को राफेल विमान लैंड हुए, जहां उनका स्वागत वाटर सैल्यूट के साथ किया गया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि, भारत में राफेल लड़ाकू विमानों का आना हमारे सैन्य इतिहास में एक नए युग की शुरुआत है। ये मल्टीरोल विमान भारतीय वायुसेना की क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे।