Sat, 14 Dec, 2019

राम जन्मभूमि

अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया यूजर्स ने निर्णय की सराहना की है। शीर्ष न्यायालय ने केंद्र सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने में ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है।

कार्तिक महीने में अयोध्या श्रद्धालुओं से भर चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक 15 से 20 लाख श्रद्धालु अयोध्या में मौजूद हैं। अयोध्या इस समय हाईअलर्ट पर है।

अयोध्या राम जन्मभूमि(राम मंदिर) विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई समाप्त होने के बाद अब इस मामले में फैसले का इंतजार है। इसपर फैसले को ध्यान में रखते हुए दोनों ही पक्षों की तरफ से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की जा रही है।

जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मस्जिद को लेकर मुसलमानों का मामला पूरी तरह से ऐतिहासिक तथ्यों और इस साक्ष्य पर आधारित है कि बाबरी मस्जिद का निर्माण किसी मंदिर या किसी उपासना स्थल को तोड़कर नहीं कराया गया था।

अयोध्या में इस बार की दीपावली का विशेष महत्व है। उम्मीद की जा रही है कि राम जन्मभूमि को लेकर जल्दी फैसला आएगा। इसलिए भी अयोध्या राम भक्ति में डूबी हुई है। सीएम योगी के विशेष निर्देश पर अयोध्या की दीपावली को राममय करने की योजना अंतिम चरण में है।

अयोध्या के राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई कर रहे संविधान पीठ के पांच जजों को अयोध्या मामले में मध्यस्थता कमेटी की रिपोर्ट सौंप दी गई है। यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई है। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस पर चर्चा भी की।

इकबाल अंसारी ने कहा कि वह खुश हैं कि मामला अब अपने तार्किक अंजाम तक पहुंच रहा है।अंसारी के पिता हाशिम अंसारी बाबरी मस्जिद मामले में सबसे पुराने वादी थे।

राम जन्मभूमि मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दिया है जिसमें अयोध्या केस वापस लेने की बात कही है। बता दें कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने इस मुकदमे को वापस लेने का मध्यस्थता पैनल के सदस्य श्रीराम पंचू को हलफनामा भेजा है।

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद की सुनवाई खत्म हो गई है। सबसे आखिर में मुस्लिम पक्ष की ओर से दलीलें रखी गईं। अब सुप्रीम कोर्ट ने लिखित हलफनामा, मोल्डिंग ऑफ रिलीफ को लिखित में जमा करने के लिए तीन दिन का समय दिया है।

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में 6 अगस्त से रोजाना सुनवाई हो रही है। सुप्रीम कोर्ट की जो संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है, उसमें मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायाधीश एसए बोबड़े, न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायाधीश अशोक भूषण और न्यायाधीश अब्दुल नजीर शामिल हैं।