राम मंदिर निर्माण

शनिवार को रामजन्मभूमि परिसर का निरीक्षण करने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निर्माण समिति के अध्यक्ष व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र ने बयान दिया की भूमि पूजन का ऐलान नई दिल्ली में होगा।

अयोध्या में बनने जा रहे राम मंदिर के निर्माण की कोर टीम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो प्रमुख सिपहसालार शामिल होंगे। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में यूपी के  इन दो आईएएस अफसरों को शामिल किया जाना तय है।

ट्रस्ट की बैठक में शिलान्यास के मुहूर्त से लेकर निर्माण पूर्ण होने के लिए समयसीमा निर्धारित की जा सकती है। मंदिर निर्माण के सिलसिले में एक बड़ा पहलू चंदे का भी है।

गठन के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को दान मिलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। मोदी सरकार ने नवगठित ट्रस्ट को मंदिर निर्माण शुरू करने के लिए नकद में एक रुपये दान किया। यह ट्रस्ट को मिला पहला दान बताया जा रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी की लोकसभा में घोषणा के बाद एक के बाद एक लगातार चार ट्वीट कर राम मंदिर तीर्थक्षेत्र के बारे में जानकारी दी।

विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि उनका संगठन राम मंदिर निर्माण पर नरेंद्र मोदी सरकार को उनके वादे के बारे में 'याद दिलाने' का फैसला किया है।

दुनियाभर में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने राम मंदिर निर्माण पर अपनी राय रखते हुए खुलकर कहा कि वहां मंदिर ही बनना चाहिए। उन्होंने इकनॉमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि मुस्लिमों को जमीन का थोड़ा अतिरिक्त हिस्सा दे सकते हैं, लेकिन राम मंदिर का निर्माण होना ही चाहिए।

वाराणसी में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि अब तक कांग्रेस कहां थी, 70 वर्ष बीत गये। राम मंदिर निर्माण के लिए क्यों नहीं दबाव बनाया गया। साढ़े 4 वर्ष बीते हैं मोदी सरकार के क्यों इसी सरकार पर इतने दबाव बन रहे हैं।

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