लखनऊ

लखनऊ व्यापर मंडल के वरिष्ठ महासचिव अमरनाथ मिश्रा ने कहा कि इस निर्णय से परिधान, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं और आभूषणों के बड़े दुकानों को खुलने में मदद मिलेगी, जो शॉपिंग कॉम्प्लेस परिसर में स्थित हैं।

ज्येष्ठ माह के पहले बड़े मंगल पर प्रसिद्ध हनुमान सेतु के हनुमान जी की रात 12 बजे की आरती गई। ढाई सौ वर्षो में पहली बार बड़े मंगल में मेले का आयोजन नही हो रहा।

रेल मंत्रालय की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि बिहार के जमालपुर से ईरिमी को उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थानांतरित करने की कोई योजना नहीं है।

इसके पहले भी भाजपा विधायकों को लेकर खबरें आती रही हैं। उत्तर प्रदेश से ही भाजपा विधायक सुरेश तिवारी का एक वीडियो वायरल हुआ था।जिसमें वह लोगों से कह रहे थे कि मुस्लिम विक्रेताओं से सब्जी ना खरीदें।

फतवे में कहा गया है कि दिवंगत को अंतिम स्नान दिया जाना चाहिए लेकिन इसका तरीका अलग होना चाहिए। इसके लिए केवल बॉडी बैग पर पानी डाला जाना चाहिए जिसमें शरीर को रखा गया है। बॉडी बैग खोलने या अलग कफन का इस्तेमाल करने की कोई जरूरत नहीं है। फतवे में कहा गया है कि बॉडी बैग को ही कफन माना जाना चाहिए।

ज्ञात हो कि लखनऊ की पहली कोरोना पॉजिटिव महिला डॉक्टर का ढाई साल का बच्चा भी इस वायरस की चपेट में आ गया था। बच्चे में यह संक्रमण दादा-दादी से होने की आशंका है, जो पहले ही इसकी चपेट में आ चुके हैं और कमांड अस्पताल में भर्ती हैं।

कोरोनावायरस के कहर से पूरी दुनिया त्रस्त है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 योद्धाओं को इसको मात देने के लिए मैदान में उतारा है। यह टीम सबसे बड़े आबादी वाले राज्य को संक्रमण से बचाने और लॉकडाउन के कारण हो रही समस्या से निपटने के लिए हर दिन मुख्यमंत्री के साथ मंथन करती है। इस टीम में 11 आईएएस अधिकारी हैं, सभी एक-एक कमिटी को लीड कर रहे हैं।

काफी इंतजार के बाद आखिरकार लखनऊ जिला प्रशासन ने घर-घर जाकर महिलाओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन, साबुन और हैंड सैनिटाइजर बांटने का निर्णय लिया है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस सवालों की एक सूची बना रही है, जिनकी जरूरत उस वक्त पड़ सकती है, जब गायिका से सवाल पूछे जाएंगे। 20 अप्रैल के बाद ही उनसे पूछताछ की जाएगी, जब वह अपने क्वॉरेंटाइन की अवधि को समाप्त कर लेंगी।

राजधानी स्थित जैसवार ने बताया, "कोरोनावायरस मां के दूध में नहीं पाया जाता परन्तु खांसने या छींकने पर बूंदों और एरोसेल के माध्यम से फैलता है। यदि मां पूरी सावधानी के साथ अपने स्वच्छता व्यवहार पर ध्यान दें तो स्तनपान करने पर भी संक्रमण से बचा जा सकता है।"