लद्दाख

हिमालय के वनों व तराई में मिलने वाली दुर्लभ एवं जीवनरक्षक औषधियों का लाभ जल्द ही शहरी लोग भी ले सकेंगे। सरकार ने आयुर्वेदिक उपचार की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हिमालय की गोद में आयुर्वेदिक नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट को मंजूरी दे दी है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (पीएमएवाई-जी) के तहत अब तक 88 लाख से ज्यादा मकानों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में दी।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बाद मोदी सरकार उठाने वाली है एक और बड़ा कदम

अब मोदी सरकार एक और बड़ा कदम उठाने वाली है और दो केंद्र शासित राज्यों का विलय होने वाला है। दरअसल, दमन एंड दीव और दादर एंड नागर हवेली को एक साथ मिलाकर एक केंद्र शासित राज्य बनाने को योजना चल रही है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को संपूर्ण लद्दाख क्षेत्र के लिए इंडियन ऑयल रिफाइनरी द्वारा विकसित शीतकालीन ग्रेड डीजल लॉन्च किया। इससे केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) लद्दाख के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

इसके साथ ही अब भारत में 28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेश हो गए हैं। अब मोदी सरकार ने नया नक्शा जारी किया है जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग दिख रहा है।

जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटने को लेकर चीन ने एक बयान जारी किया है। चीन ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों का गठन 'गैर-कानूनी और निरर्थक' है। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, चीन इस मुद्दे पर भारत की स्पष्ट स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश होने की अधिसूचना जारी कर दी। देर रात जारी अधिसूचना में मंत्रालय के जम्मू-कश्मीर संभाग ने प्रदेश में केंद्रीय कानूनों को लागू करने समेत कई कदमों की घोषणा की।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अलग-अलग केंद्रशासित राज्य बनने के बाद दोनों राज्यों में पहली बार उपराज्यपाल की तैनाती का फरमान शुक्रवार की देर शाम जारी हो गया। अभी तक बतौर राज्यपाल यहां का काम देख रहे सत्यपाल मलिक को गोवा का राज्यपाल बनाया गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि जम्मू, कश्मीर, लेह और लद्दाख में बीडीसी (ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) के चुनाव बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए हैं। इस दौरान कोई हिंसा नहीं हुई। यह लोकतंत्र में लोगों के अटूट विश्वास और महत्व को दर्शाता है कि वे जमीनी स्तर के शासन के अनुरूप हैं।