लद्दाख

पाकिस्तान से पहले नेपाल ने भी ऐसा ही कारनामा किया है। उसने भी विवादित नक्शे को मंजूरी दी, जिसमें भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को शामिल किया गया।

भारत की पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी सहित कई इलाकों से चीनी सैनिक पीछे हटने को मजबूर तो हो गए, मगर अब अक्साई चिन में करीब 50 हजार PLA सैनिक तैनात कर दिए गए हैं। ऐसे में खतरे को भांपते हुए भारत ने भी तैयारी कर ली है।

भारत ने गुरुवार को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट को लेकर पड़ोसी देशों के लिए नियम सख्त कर दिए है। नए नियमों के मुताबिक, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के लिए अब पड़ोसी देशों के बिडर्स को पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा और सिक्योरिटी क्लियरेंस लेनी होगी।

लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ जारी तनातनी के बीच भारत लगातार अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में अब भारतीय नौसेना के समुद्री फाइटर जेट मिग-29के को उत्तरी सेक्टर में तैनात करने का फैसला लिया गया है।

लद्दाख में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन में सीमा विवाद और बढ़ गया था। जिसके बाद पैदा हुए तनाव के बीच भारत और अमेरिका ने बंगाल की खाड़ी में मिलिट्री एक्सरसाइज शुरू की है।

सीमा पर तनाव के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज से दो दिन के लद्दाख और कश्मीर के दौरे पर हैं। आज वह पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के साथ लेह पहुंचे।

लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन में तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय दौरे पर लद्दाख पहुंचे हैं। भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में पैरा ड्रापिंग अभ्यास किया।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख एमएम नरवणे के साथ लद्दाख पहुंचे। लद्दाख दौरे के दौरान रक्षामंत्री सैन्य तैयारियों और हालात का जायजा लेंगे। 

चीन की नापाक हरकतों को देखकर लग रहा है कि लद्दाख में भारत चीन के बीच विवाद अब और बढ़ सकता है। जिसके चलते LAC पर भारतीय सेना ने अपनी तैयारी बढ़ा दी है।

चीन ने मौसम की मार से बचने का इंतजाम पहले ही कर लिया है। सूत्र बताते हैं कि चीनी सैनिकों के ड्रेस की बनावट ऐसी है कि वो जरूरत पड़ने पर पानी में उतर सकते हैं।