लद्दाख

चीन से चल रहे सीमा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है जिसके तहत लद्दाख में अब संचार नेटवर्क मजबूत होगा। सरकार ने यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड के तहत 54 नए मोबाइल टॉवर लगाने को मंजूरी दे दी है।

चीन ने लद्दाख की गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास भारतीय सैनिकों के साथ संघर्ष में मारे गए चीनी सैनिकों के पीड़ित परिवारों को बुधवार को शांत करने का प्रयास किया।

15 जून को लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए और कुछ घायल हो गए। इसके बाद से ही देशवासियों के बीच चीन के प्रति गुस्सा और चीन विरोधी भावना देखने को मिल रही है।

चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि द्वीप समूह अंतर्निहित क्षेत्र हैं। बीजिंग ने जापान से 'चार-सिद्धांत सहमति' की भावना का पालन करने, दियाओयू द्वीप मुद्दे पर नए घटनाक्रम से बचने और पूर्वी चीन सागर की स्थिति की स्थिरता को बनाए रखने के लिए व्यावहारिक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

ऐसे मौके पर जहां पूरा देश सेना और सरकार के साथ खड़ा है वहीं कांग्रेस पार्टी और उनके नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की सेना को बदनाम करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रही है। जब भी भारत और चीन के बीच संघर्ष की स्थिति देखने को मिलती है।

लद्दाख में जमीन पूरी तरह से सफेद बर्फ से ढकी हुई है, ऐसे में आईटीबीपी जवानों के एक दल ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग अभ्यास किया।

राहुल ने को ट्वीट करते हुए लिखा, 'प्रधानमंत्री ने चीनी आक्रमण के बाद भारतीय क्षेत्र को आत्मसमर्पित कर दिया। यदि भूमि चीनी थी तो हमारे सैनिक क्यों मारे गए? वे कहां मारे गए?’

लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए बिहार के चार रणबांकुरे कुंदन कुमार, चंदन कुमार, अमन कुमार और जय किशोर सिंह को शुक्रवार को हजारों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में खूनी संघर्ष के बाद पाकिस्तान और नेपाल दोनों देशों में ऐसी हरकतें बढ़ गई हैं।

लंबे इंतजार के बाद, शहीद जवान राजेश ओरंग का पार्थिव शरीर यहां उनके परिजनों को शुक्रवार को प्राप्त हो गया। तिरंगे में लिपटा शहीद जवान का पार्थिव शरीर बर्दवान जिले के पानगढ़ भारतीय वायुसेना के बेस कैंप से बीरभूम के मोहम्मद बाजार क्षेत्र के बेलगोरिया पहुंचा।