लद्दाख

लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात भारत और चीन की सीना में हिंसक झड़प में पर शीर्ष अमेरिकी सांसद ने भी माना है कि पीएलए ने भारतीय क्षेत्र को कब्जाने के इरादे से झड़प शुरू की। उन्होंने कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय क्षेत्र पर कब्जा करने के इरादे से झड़प शुरू की।

लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार को भारत-चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। जिसको लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं और निशाना साध रहे हैं। जिसके बाद अब केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस मुद्दे पर पलटवार किया और राहुल गांधी पर निशाना साधा है।

लद्दाख के गलवन वैली में हुई हिंसक झड़प में घायल करीब 76 जवान अस्पताल में भर्ती हैं। घायलों में किसी भी जवान की हालत गंभीर नहीं है। लेह के अस्पताल में 18 सैनिक भर्ती हैं, 15 दिन में सैनिक काम पर वापस लौटने की हालत में होंगे।

लद्दाख की गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद अब भारतीय सेना और सख्त हो गई है। सेना ने चीन से लगी सभी सीमाओं के अग्रिम मोर्चो पर तैनाती बढ़ा दी है।अब चीनी सैनिकों को कोई भी कदम उठाने से पहले दस बार सोचना सोचना होगा, क्योंकि भारतीय सेना इस मोर्चे पर कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। इतना ही नहीं कई सीमावर्ती गांवों को भी खाली कराया जा रहा है।

हांगकांग में जिस तरह से चीन का विरोध जारी है उसके बीच अब चीन के अधिकार वाले तिब्बत ने भी उसके खिलाफ सर उठाना शुरू कर दिया है। ऐसे में चीन के लिए दोहरी मुश्किल खड़ी हो गई है।

लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी के साथ हिंसक झड़प हुई जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए वहीं चीन के 40 से ज्यादा सैनिकों को भी जान से हाथ धोना पड़ा। ऐसे में ये अटकले लगी थी कि कुछ भारतीय सैनिक इस झड़प में गुम भी हुए हैं।

विदेश मंत्री ने लिखा, 'हमें तथ्यों को ठीक से समझ लेना चाहिए। बॉर्डर ड्यूटी पर लगे सभी सैनिक हमेशा हथियार के साथ होते हैं, खासकर पोस्ट से निकलते वक्त। 15 जून को गलवान में ड्यूटी पर तैनात सैनिकों के पास भी हथियार थे।'

बता दें कि बैठक में पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा, नेवी चीफ जफर महमूद अब्‍बासी और वायुसेना प्रमुख मार्शल मुजाहिद अनवर खान शामिल थे। इसके अलावा ISI और पाकिस्‍तानी की सेना के कई आला अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

लद्दाख के गलवान घाटी में सोमवार रात को चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद हुए भारतीय जवान 40 वर्षीय के. पलानी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह रामनाथपुरम जिले के उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ कर दिया गया।

लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में शहीद हुए पटना के बिहटा के वीर सपूत सुनील कुमार की अंतिम यात्रा गुरुवार सुबह पैतृक गांव से निकली, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। लोगों ने उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई दी। तारापुर गांव से सुनील की अंतिम यात्रा निकाली गई।