लाइफस्टाइल

आज कल की बिजी लाइफस्टाइल में हमें हैल्दी रहने के लिए प्रोटीन और विटामिन की काफी जरूरत होती है। दोनों में से किसी की भी कमी अगर हमारे शरीर में होती है तो इससे हेल्थ प्रॉब्लम बढ़ने का खतरा होता है।

बदलते मौसम का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर पड़ता है। इससे स्किन पर दाने और डलनेस हो जाती है। ऐसे में हम आपके लिए लेकर आये है हल्दी और बेसन का फेस पैक। जिससे आपकी स्किन दमक जाएगी।

कॉलेज का दौर त्वचा के लिए काफी कठिन वक्त होता है। त्वचा की उचित देखभाल अक्सर इस समय में अनदेखी की जाती है, खासकर तब जब हम अपने दोस्तों के साथ सूरज की किरणों में बाहर निकलते हैं, यह हमारी त्वचा को बुरी तरह प्रभावित करता है। ऐसे में छात्र अपनी त्वचा के लिए शॉर्टकट और कभी-कभार सैलून उपचार लेते हैं।"

लंबे, घने और सिल्की बाल किसको पसंद नहीं है। लेकिन बदलते लाइफस्टाइल और बढ़ते प्रदूषण का प्रभाव सीधा आपके बालों पर पड़ता है। जिससे आप अपने बालों की चमक खो देते है और साथ ही आपके बाल रुखे और बेजान हो जाते है।

घुंघराले बाल वैसे तो दिखने में काफी अच्छे लगते हैं, लेकिन इन्हें संभालना कई बार काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इन्हें खास ध्यान देने की जरूरत पड़ती है और अगर इनकी देखभाल अच्छे से की जाए, तो इनसे आपके व्यक्तित्व को एक अलग ही लुक मिलता है।

शोध से पता चला है कि 1990 से 2017 के बीच 34.5 प्रतिशत लोगों की जान दिल की बीमारी के कारण हुई है, जबकि 2017 में एक साल से कम उम्र के करीब 70 प्रतिशत बच्चों की मौत दिल की बीमारी से हुई, जो कि जन्मजात बच्चों की मौतों का सबसे बड़ी संख्या है।

गुलाब की खुशबू बेहतर तरीके से पढ़ने और नींद की गुणवत्ता में सुधार लाने में मददगार साबित होती है। एक नए शोध में यह बात सामने आई है। पत्रिका 'साइंटिफिक रिपोर्ट्स' में प्रकाशित अध्ययन, अंग्रेजी शब्दावली सीखने वाले दो वर्गो के विद्यार्थियों पर किया गया था, जिनमें से एक ने इसे गुलाब की खुशबू के साथ सीखा, जबकि एक ने इसके बिना।

वीडियो गेम्स को लेकर 71 प्रतिशत अभिभावकों को लगता है कि यह उनके बच्चों के लिए अच्छे हैं। इससे उनपर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जबकि 44 प्रतिशत ने माना कि उन्होंने वीडियो गेम सामग्री को प्रतिबंधित करने का प्रयास किया है। एक नेट के शोध में यह जानकारी सामने आई है।

एंटीबायोटिक्स की एक क्लास 'एमिनोग्लाइकोसाइड्स' के माध्यम से शुरुआती डिमेंशिया (पागलपन) का अच्छा उपचार हो सकता है। शोधकर्ता ने एक शोध में इस बात का पता लगाया है।

राजधानी के हैबिटाट सेंटर में इंडियन साइकिएट्रिक सोसायटी की ओर से महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर आयोजित तीसरी राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश भर से आए मनोचिकित्सकों ने बताया कि पिछले कुछ समय के दौरान मनोचिकित्सकों के पास इलाज के लिए आने वाली उन महिलाओं की संख्या में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है अतीत में बलात्कार, यौन हिंसा या यौन दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा है।