लॉकडाउन 4.0

पीयूष गोयल ने ट्वीट कर लिखा, 'मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि गंभीर रोग से ग्रस्त, गर्भवती महिलाएं, व 65 से अधिक व 10 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में बहुत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।'

इससे पहले उन्होंने लिखा था कि केन्द्र व महाराष्ट्र सरकार के बीच विवाद के कारण लाखों प्रवासी श्रमिक अभी भी बहुत बुरी तरह से पिस रहे हैं जो अति-दु:खद व दुर्भाग्यपूर्ण है। जरूरी है कि आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर इन मजलूमों पर ध्यान दें ताकि कोरोना की चपेट में फंसकर इन लोगों की जिन्दगी पूरी तरह बर्बाद होने से बच सके।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को मन की बात कार्यक्रम कर रहे है। कुछ खबरों में इसी को आधार बनाकर कहा गया कि पीएम इस बातचीत के दौरान लॉकडाउन के पांचवें चरण का ऐलान भी कर सकते हैं।

मायावती ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, "केन्द्र व महाराष्ट्र सरकार के बीच विवाद के कारण लाखों प्रवासी श्रमिक अभी भी बहुत बुरी तरह से पिस रहे हैं जो अति-दु:खद व दुर्भाग्यपूर्ण। जरूरी है कि आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर इन मजलूमों पर ध्यान दें ताकि कोरोना की चपेट में फंसकर इन लोगों की जिन्द्गी पूरी तरह बर्बाद होने से बच सके।"

राहुल गांधी द्वारा लॉकडाउन पर सवाल उठाने पर जावड़ेकर ने कहा कि जब देश भर में राष्ट्रव्यापी बंदी लागू की गई, उस समय भी कांग्रेस ने हाय तौबा मचाया था और आज जब लॉकडाउन खत्म हो रहा है तो फिर सवाल उठा रही है। ये कैसी राजनीति है।

आदेशानुसार, सार्वजनिक स्थानों पर थूकना आगे आने वाले समय में भी एक दंडनीय अपराध बना रहेगा। लॉकडाउन 4.0 के दिशा-निर्देशों को संशोधित करते हुए राज्य सरकार ने रेड जोन में सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता को सुनिश्चित करते हुए टैक्सी, ऑटो व कैब सेवाओं को संचालित करने की अनुमति दे दी है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "दो महीने पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि हम 21 दिनों तक कोरोनावायरस (कोविड -19) के खिलाफ युद्ध लड़ने जा रहे हैं और अब 60 दिन हो गए हैं।"

उन्होंने कहा कि लगभग 6,500 लोग वायरस से संक्रमित हैं, और इतनी ही संख्या में अब तक ठीक हुए हैं। केजरीवाल ने यह भी कहा कि सरकार के पास 250 वेंटिलेटर हैं और केवल 11 का इस्तेमाल किया जा रहा है।

डीएम लखनऊ (Lucknow) अभिषेक प्रकाश के मुताबिक कंटेनमेंट जोन में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सब कुछ पहले की तरह बंद रहेगा। लखनऊ में करीब 2 महीने बाद गुरुवार को सैलून खुलने की तैयारी है।

लॉकडाउन के कारण दिल्ली, मुंबई, सूरत आदि महानगरों से गांवों की तरफ लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए अब संकट की घड़ी में मनरेगा मददगार बन गई है।