लोकसभा चुनाव- 2019

उन्होंने कहा कि वे बुनियादी सिद्धांत से समझौता नहीं कर सकते। नीतीश ने जनता दल (युनाइटेड) के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में किसी प्रकार की कटुता से इंकार करते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में सांकेतिक रूप से शामिल नहीं होने का निर्णय जद (यू) पार्टी का है। उन्होंने कहा, "भाजपा के साथ आपसी संबंध में कोई कटुता नहीं है। जैसे पहले सौहार्द का संबंध था वैसे आज भी है।"

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुखिया और राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट उनके बेटे की हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। वैभव गहलोत जोधपुर लोकसभा सीट से चुनाव हार गए हैं।

लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद से ही मायावती एक्शन मोड में हैं। मायावती ने उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान के प्रभारियों को हटा दिया है। इसके अलावा दिल्ली और मध्यप्रदेश के पार्टी अध्यक्ष को भी हटा दिया गया है।

बता दें कि अबतक असम में राज्यसभा की दो सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था। लेकिन अब भाजपा ने उनमें सेंध लगा दी है। असम की दो राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा और उसकी सहयोगी असम गण परिषद (अगप) के एक-एक उम्मीदवार को शुक्रवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।

इस बीच आईए नजर डालते है बिहार के उन उम्मीदवारों पर जिन्होंने इस लोकसभा चुनाव में अपार जीत हासिल की है।

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इस वाकये पर भड़के पूर्व क्रिकेटर और अब पूर्वी दिल्ली से भाजपा के सांसद गौतम गंभीर ने ट्वीट में लिखा, 'गुरुग्राम में मुस्लिम युवक को टोपी उतारने और जय श्रीराम बोलने के लिए कहा गया। ये काफी अफसोस की बात है। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "यहां स्नातक की शिक्षा देखने और अस्पतालों में विशेष इलाजों के बारे में सुनने के बाद, सिर्फ कुछ लोगों की ही इन तक पहुंच क्यों हो। आखिरकार, यहां अमेरिका में अधिकांश डॉक्टर और शिक्षक भारतीय हैं।"अभिनेता  ने कहा कि इन बातों पर ध्यान देकर हम वैसा भारत को पा सकते हैं जैसा हम चाहते हैं।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुरली मनोहर जोशी ने मीडिया से कहा, ''यह हमारी पार्टी की परंपरा है। हम वयोवृद्ध से शुभकामनाएं लेते हैं, ताकि भविष्य में और शक्ति के साथ काम कर सकें। इसी दृष्टि से प्रधानमंत्री जी और अध्यक्ष जी यहां आए थे। दोनों ने करिश्माई आंकड़ा हासिल किया। हमने पार्टी का बीज लगाया था। अब देश को स्वादिष्ट फल दिलाना इन दोनों की जिम्मेदारी है।''

महागठबंधन के एक अन्य घटक दल रालोसपा को सबसे नुकसान उठाना पड़ा। पिछले चुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा ने तीन सीटों पर कब्जा जमाकर शत प्रतिशत सफलता पाई थी।