लोकसभा

दिल्ली हिंसा पर लोकसभा में बुधवार को नियम 193 के तहत चर्चा होगी, चर्चा के बाद मतदान नहीं होगा। कांग्रेस लंबे समय से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रही है और वह सदन की कार्यवाही बाधित कर रही है, लेकिन सरकार ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा होली के बाद ही होगी।

लोकसभा से कांग्रेस के सात सांसदों के निलंबन का मामला दिन पे दिन तूल पकड़ता जा रहा है। लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को अपनी पार्टी के इन सांसदों को वापस लिए जाने की मांग करते हुए एक ऐसा बयान दे दिया जिसकी अब आलोचना की जा रही है।

लोकसभा ने शुक्रवार को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2019 पारित कर दिया।

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला इस बात को संसद में कह चुके थे कि संसद में किसी भी तरह की अनियमितता की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुये देशभर में अधिक सतर्कता बरती जा रही है। कई विभागों और मंत्रालय ने भी अपने कर्मचारियों को निर्देश जारी किया है।

दरअसल, सोमवार को बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन था। पहले ही दिन दिल्ली हिंसा को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस की अगुवाई वाला विपक्ष दिल्ली हिंसा पर गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगने लगा।

संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग आज से शुरू हो रहा है। सत्र ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब दिल्ली में हिंसा हुई है। हालांकि, दिल्ली में स्थिति तो सामान्य होने लगी है, लेकिन संसद सत्र को लेकर राजनीति गरमाने लगी है।

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी की छठी विधानसभा को भंग कर दिया। चुनाव परिणामों के घोषित होने के बाद से यहां नई विधानसभा का गठन होना है।

हार साफ देखने के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ''जनता ने अपना जनादेश दे दिया। जनादेश कांग्रेस के विरुद्ध भी दिया है। हम कांग्रेस और डीपीसीसी की तरफ से इस जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हैं।"

एक प्राइवेट न्यूज चैनल के रिपोर्टर अंकित गुप्ता इसको लेकर अपने ट्वीट में कहते हैं कि, "वैसे Delhi Exit Polls के आने के बाद एक बात थोड़ी अजीब लग रही है कि जिस आम आदमी पार्टी के पक्ष में सारे नतीजे दिख रहे हैं वो अभी भी खुलकर नहीं बोल पा रही