लोक जनशक्ति पार्टी

बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में अभी सात से आठ महीने का समय बाकी है, मगर सभी राजनीतिक पार्टियां अभी से 'चुनावी मोड' में आ गई हैं। ये पार्टियां चुनावी पिच का मुआयना करने के लिए अपने दिग्गज खिलाड़ियों को मैदान में उतार रही हैं।

लोजपा ने चुनाव को ध्यान में रखते हुए सात सदस्यों की एक समिति बनाई है जो आगामी विधानसभा चुनाव के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार करेगी।

रिपब्लिक टीवी पर भाजपा प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी और पवन वर्मा डिबेट शो में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम को अर्नब गोस्वामी होस्ट कर रहे थे।

केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने झारखंड में विधानसभा चुनाव के लिए 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार भाजपा को बड़ा झटका दिया है।

बता दें कि बिहार के समस्तीपुर से सांसद राम चंद्र पासवान, एलजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के भाई थे।

जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने पासवान को राजनीति का 'मौसम वैज्ञानिक' बताया था। उन्होंने कहा था कि पासवान को पहले से ही पता होता है कि देश में राजनीति की लहर किसके पक्ष में और किसके विपक्ष में बह रही है। 

लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में यूं तो बिहार की पांच लोकसभा सीटों पर मतदान होना है, मगर पूरे देश की नजर सारण और हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र पर होगी, जिसमें मतदाता बिहार की राजनीति के दो दिग्गज राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रमुख रामविलास पासवान की सियासत की विरासत संभालने पर मुहर लगाएंगे।

वाराणसी में पीएम नरेंद्र मोदी के नामांकन के मौके पर जहां एक तरफ एनडीए की एकजुटता दिखी वहीं दूसरी तरफ एक और तस्वीर ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। इस तस्वीर में नामांकन से ठीक पहले कलेक्ट्रेट में शिरोमणी अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का पैर छूकर पीएम मोदी आशीर्वाद लेते दिखे।

वाराणसी से पीएम मोदी ने किया नामांकन, देखिए तस्वीरों में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आजादी के बाद देश में पहली बार इस चुनाव में सत्ता के पक्ष में लहर दिखाई दे रही है। पीएम मोदी ने शुक्रवार को यहां अपना नामांकन दाखिल करने से पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "हमारे देश में इतने चुनाव हुए, लेकिन इस चुनाव होने के बाद राजनीतिक पंडितों को माथापच्ची करनी पड़ेगी क्योंकि आजादी के बाद पहली बार सत्ता के पक्ष में लहर दिखाई दे रही है।"