वाराणसी

श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे सोमवार को बिहार के बोधगया पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की। श्रीलंका के प्रधानमंत्री के साथ 20 सदस्यीय दल महाबोधि मंदिर पहुंचा।

कांग्रेस महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी आज बनारस(वाराणसी) पहुंची हैं। खास बात यह है कि चंद्रशेखर उर्फ रावण भी आज बनारस में हैं।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद और परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने पर वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिविजन-फास्‍ट ट्रैक कोर्ट) आशुतोष त्रिपाठी की कोर्ट में सोमवार को सुनवाई टल गई।

प्रियंका ने अपने शुभकामना संदेश में लिखा है, प्रिय भारती और आशीष, वैवाहिक जीवन में बंधने के लिए आप दोनों को बहुत-बहुत बधाई। मेरी शुभकामना है कि आप दोनों का वैवाहिक जीवन खुशियों से भरा हो और आप दोनों एक दूसरे के अच्छे दोस्त बनकर एक भरपूर जिंदगी गुजारें।

वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में पुरुष और महिलाओं के लिए ड्रेस कोड लागू किया जा रहा है। निर्धारित ड्रेस कोड के मुताबिक मंदिर में काशी विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन के लिए अब पुरुषों को धोती-कुर्ता और महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य होगा।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को यहां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के लिए पिछले दिनों गिरफ्तार किए गए बीएचयू के छात्रों और मासूम बच्ची चंपक के माता-पिता सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जेल गए के लोगों से मिलने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा बनारस के लोगों से मिलने आ रही हैं।

वाराणसी में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसके पांडे ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन करने के दौरान गिरफ्तार किए गए 59 लोगों में से 57 लोगों की जमानत मंजूर कर दी है। इन लोगों में एक व्यक्ति की 14 महीनों की बेटी है।

उर्वशी ने इंस्टाग्राम पर एक खूबसूरत वीडियो के साथ अपने प्रशंसकों संग इस खबर को साझा किया। वीडियो में अभिनेत्री को वाराणसी में गंगा में नौकायन का आनंद लेते देखा जा सकता है। सुसी गणेशन द्वारा निर्देशित इस फिल्म की शूटिंग इसी शहर में हुई है।

प्रियंका गांधी ने कहा, 'उत्तर प्रदेश के हालात देखिए. सैकड़ों भयावह घटनाएं होने के बाद भी महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार की तरफ से कोई हलचल नहीं दिखती है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों को शर्म आनी चाहिए। वो किस चीज का इंतजार कर रहे हैं? आप अपनी महिला नागरिकों को इंसाफ का भरोसा ही नहीं दे पा रहे हैं।'