वारिस पठान

याचिकाकर्ता हिंदूसेना ने दिल्ली पुलिस को एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी व पार्टी विधायक वारिस पठान और अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के निर्देश देने का निवेदन किया। याचिका में कहा गया कि इनके भाषणों से दिल्ली में सांप्रदायिक माहौल बढ़ा।

मीडिया से बात करते हुए वारिस पठान ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों से मुझे हिंदू धर्म विरोधी बताया जा रहा है। मैं किसी भी हिंदू भाइयों के खिलाफ नहीं हूं। मैंने उस दिन जो कुछ भी कहा वो नागरकिता कानून के खिलाफ गुस्से में कहा।'

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान के विवादित बयान के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें ओवैसी के सामने ही एक लड़की ने मंच से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाती दिखी थी। हालांकि बाद में ओवैसी ने इस घटना की निंदा की थी।

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ एक रैली में वारिस पठान ने कहा था कि यह समय आ गया है कि हम एकजुट हो जाएं और आजादी लें। याद रखें, हम 15 करोड़ ही 100 करोड़ लोगों पर भारी पड़ सकते हैं। उनके इस बयान की सबने कड़ी आलोचना की थी।

सोशल मीडिया पर बग्गा का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है। दूसरी तरफ वारिस पठान पर मामले को बढ़ते देख असदुद्दीन ओवैसी ने वारिस पठान को मीडिया में बयान देने पर रोक लगा दी है।

वारिस पठान ने बिना नाम लिए कहा कि ‘100 करोड़ (हिंदुओं) पर 15 करोड़ (हिंदू) भारी पड़ेंगे।’ उन्‍होंने कहा कि अगर आजादी दी नहीं जाती तो छीनना पड़ेगा। वारिस पठान के इस बयान के बाद राजनीति गरम हो गई है।

घृणा पैदा करने वाले इस बयान पर मुस्लिम मौलवियों का कहना है कि हिंदू मुसलमान के साथ खड़ा है और मुसलमान हिंदू के साथ खड़ा है। इस तरह की विचारधाराओं से देश को नुकसान होगा।

सुधांशु त्रिवेदी ने ये भी कहा कि "केवल राजनीति करने के लिए कागज नहीं दिखाएंगे का नारा लगा हुआ है, जबकि कोई कागज दिखाने के लिए कहा ही नहीं गया है।