वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी)

India-China Border Dispute : पिछले कई महीनों से पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन (India and China) के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। इस बीच भारत और चीन के बीच मोल्डो में सोमवार को हुई कमांडर स्तर की छठे दौर की बैठक पर दोनों देशों की ओर से साझा बयान जारी किया गया है।

India China Standoff: भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव लगातार बना हुआ है। लद्दाख में कई जगह ऐसी हैं जहां भारत और चीन की सेनाएं बिल्कुल आमने-सामने मौजूद हैं।

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन (India and China) के बीच जारी तनाव पर मंगलवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने लोकसभा में बयान दिया।

चीन (China) की नापाक चाल को एक बार फिर भारत ने विफल कर दिया है। लगातार तीसरी बार चालबाज चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की है, जिसका भारतीय सेना (Indian Army) ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।

भारत-चीन (India-China) के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव जारी है। पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो के फिंगर इलाकों में अभी भी दोनों देशों के बीच गतिरोध बना हुआ है।

मंत्रालय ने कहा कि चीनी अतिक्रमण एलएसी पर बढ़ रही है और विशेष रूप से 5 मई, 2020 से गलवान घाटी में ज्यादा बढ़ गई है। चीनी पक्ष ने 17 मई और 18 मई को कुंगरांग नाला, गोगरा और पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट के क्षेत्रों में अतिक्रमण किया है।

वार्ता की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि यह बैठक एलएसी पर चीन की तरफ मोलदो में पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू हुई और रात 10 बजे तक जारी रही।

फ्रांस के शहर बोर्डेऑस्क में मैरीग्नेक वायुसेना अड्डे से रवाना हुए ये विमान लगभग सात हजार किलोमीटर का सफर तय करके अंबाला वायुसेना एयरबेस पर पहुंचेंगे।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमने कोविड-19 की स्थिति पर भी बात की। दोनों देश इस महामारी से मिलकर कैसे लड़ सकते हैं, इस पर भी हमारे बीच वार्ता हुई।'

बीते 14 जुलाई को कोर कमांडर स्तर की बैठक के दौरान एक रोडमैप तैयार किया गया था, जिसके अनुसार चीन को अपने सैनिकों को पूरी तरह से पीछे हटाना था, हालांकि वह उस रोडमैप का पालन नहीं कर रहा है।