विदेश मंत्री एस जयशंकर

जर्मनी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राष्ट्रवाद के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि यह कोई सवाल नहीं है कि दुनिया अधिक राष्ट्रवादी हो गई है। अमेरिका, चीन और दुनिया के कई देश अधिक राष्ट्रवादी हैं। इस राष्ट्रवाद का बहुत कुछ वैधानिक रूप से मान्य है।

चीन में कोरोनावायरस के फैलने से मचे कोहराम के बीच भारत ने अपने नागरिकों को स्वदेश लाने की कवायद शुरू कर दी है। इन सबके बीच केरल में कोरोनावायरस के दूसरे मामले की पुष्टि हो गई है।

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुई हिंसा की निंदा की है। दोनों केंद्रीय मंत्री जेएनयू के अलुमनाई हैं। जेएनयू परिसर में रविवार को कुछ नकाबपोश लोगों ने घुसकर छात्रों के साथ मारपीट की और तोड़फोड़ मचाई। नकाबपोश लकड़ी के डंडे और लोहे की छड़ से लैस थे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए उसे खरी-खरी सुनाई है। उन्होंने कहा कि भारत का एक को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है। विदेश मंत्री ने यह टिप्पणी भारत आर्थिक मंच के सत्र के दौरान पाकिस्तान और पड़ोसी देशों को लेकर की।

विदेश मंत्री एस जयशंकर के द्वारा प्रधानमंत्री के ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ के नारे पर आई सफाई पर राहुल ने मंगलवार सुबह ट्वीट किया। राहुल गांधी ने लिखा कि आप इसपर काम करते रहें और प्रधानमंत्री को थोड़ी बहुत कूटनीति के बारे में सिखाएं।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर तीन दिन के अमेरिकी दौरे पर हैं, इस दौरान जब भारतीय पत्रकारों ने ह्यूस्टन में आयोजित Howdy Modi कार्यक्रम में पीएम मोदी के 'अब की बार ट्रंप सरकार के नारे' पर सवाल किया कि क्या मोदी, ट्रंप का आने वाले चुनाव में समर्थन कर रहे हैं? तो जयशंकर ने इस धारणा का जोरदार खंडन किया।

घाटी से आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद से बौखलाया पाकिस्तान अब कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में उठाने जा रहा है। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। पाकिस्तान की पूरी कोशिश है कि वह यूएनएचआरसी में भारत को कश्मीर के मुद्दे पर घेर सके।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सिंगापुर में आयोजित 'यूपी स्टार्टअप एंड इनोवेशन एग्जीबीशन' के उद्घाटन सत्र में दुनिया के लिए भारत और सिंगापुर के मजबूत रिश्ते अहम बताया। उन्होंने कहा कि जब दोनों देश ऐसे समय में अपने संबंधों के समकालीन दौर में साथ आए जब दुनिया बदल रही थी और भारत भी। दोनों बदलावों का एक दूसरे के साथ काफी कुछ लेना-देना था।

जयशंकर ने दोनों पक्षों की बातचीत के दौरान खींची गई एक तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, "उप-विदेश मंत्री जॉन सुलिवन से मुलाकात कर खुशी हुई। हमने दोनों देशों के बीच के रणनीतिक संबंधों पर चर्चा की।"

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की है। इससे पहले उन्होंने वहां के उपराष्ट्रपति वांग चिशान से मुलाकात की थी। बता दें कि पद संभालने के बाद विदेश मंत्री जयशंकर की चीन की ये पहली यात्रा है।