विनय शर्मा

निर्भया के गुनाहगार फांसी टलवाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में अब इन गुनाहगारों ने एक नया तरीका निकाला है। निर्भया के दोषी विनय शर्मा के वकील एपी सिंह ने विनय की दया याचिका खारिज करने पर सवाल उठाते हुए याचिका दायर की है।

दोषी विनय शर्मा के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका के जरिये दावा किया था कि उसके मुवक्किल की जेल में यातना के कारण दिमागी हालत खराब हो गई है।

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में चार दोषियों की फांसी की सजा पर अनिश्चितकालीन रोक को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रविवार को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया।

निर्भया के गुनहगार अपनी फांसी टलवाने की खातिर कानून से खिलवाड़ कर रहे हैं। वे अपने पास मौजूद विकल्पों का इस तरह इस्तेमाल कर रहे हैं कि फांसी में लगातार देरी होती जाए।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को निर्भया के दोषी विनय शर्मा की दया याचिका खारिज कर दी है। चारों दोषियों में से यह दूसरी दया याचिका है, जो राष्ट्रपति के पास लगाई गई थी। गौर हो इससे पहले मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति खारिज कर चुके हैं।

निर्भया के आरोपी विनय द्वारा खुदकुशी की कोशिश करने की खबर पर तिहाड़ प्रशासन ने सफाई दी है। तिहाड प्रशासन ने इस खबर को गलत और निराधार करार दिया। तिहाड़ सूत्रों के मुताबिक ये निर्भया के गुनहगारों के वकीलों की सोची समझी चाल है।

निर्भया गैंगरेप के दोषी विनय शर्मा को मंडावली जेल से तिहाड़ जेल शिफ्ट कर दिया गया है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाली तीन अन्य आरोपी मुकेश, पवन और अक्षय पहले से तिहाड़ में है। 2012 में राजधानी में हुए निर्भया कांड के चार दोषियों को फांसी की सज़ा सुनाई गई थी।